जवाहर बाग़ कांड के आरोपी रामपाल के मौत से हड़कंप

लखनऊ डेस्क/ मथुरा जिला कारागार में बंद जवाहरबाग कांड के एक आरोपित की रविवार सुबह तबीयत खराब हो गई। जिला अस्पताल ले जाते समय उसने दम तोड़ दिया। वह तीन जून 2016 से जिला कारागार में बंद था। देश दुनिया में सुर्खियों में रहे जवाहरबाग कांड में लखीमपुर खीरी जिले के थाना मोहम्मदी निवासी 70 वर्षीय रामपाल भी आरोपित था। वह तीन जून 2016 से यहां जिला कारागार में बंद था। रविवार सुबह स्नान करने के दौरान वह गिर गया था।

अन्य बंदियों के शोर मचाने पर जेल प्रशासन ने उसे तत्काल जेल के अस्पताल में पहुंचाया। प्राथमिक उपचार और ऑक्सीजन देने के बाद भी स्वास्थ्य में कोई सुधार नहीं होने पर उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक उसकी सांसें टूट चुकी थीं। जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. धर्मवीर ने बताया कि बंदी जिला अस्पताल में मृत लाया गया था। जेलर अर्जुन पांडे का कहना है कि मौत का कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर स्पष्ट होगा। माना जा रहा है कि उसे हार्ट अटैक पड़ा होगा। बता दें कि दो जून 2016 को जवाहरबाग खाली कराने के दौरान संघर्ष में दो पुलिस अधिकारी और 22 उपद्रवी मारे गए थे।

साल 2014 में की बात है जब रामवृक्ष यादव के नेतृत्व में सशस्त्र अतिक्रमणकारियों के एक दल ने जवाहर बाग की भूमि पर कब्जा कर लिया था। काफी कोशिश के बाद भी पुलिस व प्रशासन यह अवैध कब्जा नहीं हटा सकी थी। इस संबंध में हाईकोर्ट में कई याचिकाएं लगाई गई जिसके बाद हाईकोर्ट से कब्जा मुक्त कराने के आदेश दिए। 2 जून 2016 पुलिस फोर्स जवाहर बाग को खाली कराने पहुंची। जहां रामवृक्ष यादव के नेतृत्व में सशस्त्र अतिक्रमणकारियों हमला बोल दिया। इस हमले में एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी और एसओ संतोष कुमार यादव शहीद हो गए थे. वहीं कई पुलिस वाले भी गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में लगभग 22 सशस्त्र अतिक्रमणकारी भी मारे गए थे।

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