गर्भवतियों के लिए काल है ग्रहण, ध्यान रहे……………………………….

TIL Desk Astro/ 31 जनवरी की रात चंद्र ग्रहण होगा। शास्त्रों की मान्यता है कि ग्रहण काल में पूजा-पाठ नहीं करना चाहिए, बल्कि मंत्रों का जाप करना चाहिए और ध्यान यानी मेडिटेशन करना चाहिए। ग्रहण के समय किए गए मंत्र जाप से अक्षय पुण्य प्राप्त होता है और मानसिक शक्ति बढ़ती है। यहां जानिए अलग-अलग देवताओं के पांच सरल मंत्र, जिनका जाप चंद्र ग्रहण के समय कर सकते हैं।

हनुमान मंत्र- ऊँ रामदूताय नम:

शिव मंत्र- ऊँ नम: शिवाय

विष्णु मंत्र- ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय

श्रीकृष्ण मंत्र- क्लीं कृष्णाय नम:

श्रीराम मंत्र- सीताराम

कैसे करें जाप

– चंद्र ग्रहण के समय यानी बुधवार, 31 जनवरी की शाम 5 बजे से 9 बजे के बीच मंत्र जाप करना है। ध्यान रखें मंत्र जाप मानसिक रूप से करना है यानी मंत्रों का उच्चारण मन ही मन करना।

– मंत्र जाप घर में किसी भी शांत और पवित्र स्थान पर बैठकर कर सकते हैं।

– जाप की संख्या कम से कम 108 होनी चाहिए। जाप के लिए रुद्राक्ष की माला का उपयोग करना चाहिए।

– मंत्र जाप के बाद अगर संभव हो सके तो किसी गरीब को काले कंबल का दान करें।

मान्यता है कि चंद्र ग्रहण के कारण हमारा घर अपवित्र हो जाता है। इस कारण ग्रहण समाप्ति के बाद घर की साफ-सफाई की जाती है। घर के मंदिर में रखी देवी-देवताओं की प्रतिमाओं को स्नान कराया जाता है। ग्रहण से पहले घर में रखी खाने-पीने की सभी चीजों में तुलसी के पत्ते डाल देना चाहिए। इससे ग्रहण का बुरा असर इन चीजों पर नहीं पड़ता है।

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