उप्र कैबिनेट में 11 प्रस्तावों पर मुहर, मॉब लिंचिंग पर मिलेगा मुआवजा

लखनऊ डेस्क/ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में 11 प्रस्तावों को मंजूरी दे दी गई। उच्च न्यायालय के निर्देश के अनुसार अब भीड़ हिंसा (मॉब लिंचिंग) में मारे जाने वालों और पीड़ितों को क्षतिपूर्ति व अंतरिम राहत राशि दी जाएगी। प्रदेश सरकार के प्रवक्ता और कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह व श्रीकांत शर्मा ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी दी।

सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार, भीड़ हिंसा, दुष्कर्म, एसिड अटैक जैसी अलग-अलग परिस्थिति में 14 बिंदुओं पर तय मुआवजे में से जिलाधिकारी के स्तर पर अब 25 फीसदी अंतरिम मुआवजा दिया जा सकेगा। प्रवक्ता ने बताया, “ग्रुप ए और बी का चयन पहले अधीनस्थ सेवा चयन आयोग करता था, अब यह काम लोक सेवा चयन आयोग करेगा। आवेदन करने के लिए पहले उम्र 21 से 35 वर्ष थी, जो अब 21 से 40 कर दी गई है।”

कैबिनेट ने इसके अलावा उप्र कृषि सेवा नियमावली में भी संशोधन को मंजूरी दे दी है। पहले केवल बीएससी कृषि ही आवेदन कर सकते थे। अब उद्यान, फॉरेस्ट्री, गृह विज्ञान, कम्युनिटी साइंस से बीएससी युवा भी आवेदन कर सकेंगे। बैठक में 23 सहकारी चीनी मिलों को 2019-20 के पेराई सत्र के लिए सहकारी बैंकों से दिए जाने वाले 3,221 करोड़ रुपये पर शासकीय गारंटी को मंजूरी दे दी गई। गुड़-खंडसारी इकाइयों के लिए एकमुश्त समाधान योजना 10 प्रतिशत अधिक बजट के साथ तीन साल के लिए लागू होगी। इसके लिए 31़ 20 करोड़ की जगह 49़ 09 करोड़ रुपये की हानि सरकार वहन करेगी।

धान के मूल्य में बढ़ोतरी करने को मंजूरी दी गई। पहले इसका समर्थन मूल्य 1815 रुपये था, अब उसे बढ़ाकर 1835 कर दिया गया है। वहीं, उप्र में कृषि निर्यात को 2024 तक दोगुना करने का उद्देश्य रखा गया है। कैबिनेट की बैठक में फिल्म ‘सुपर 30’ को करमुक्त किया गया। मुख्यमंत्री योगी ने इसकी घोषणा पहले ही की थी। कैबिनेट ने इस फिल्म के लिए दर्शकों द्वारा अदा किए गए वैट के बराबर की धनराशि प्रतिपूर्ति करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

उत्तर प्रदेश आबकारी मदिरा एवं शराब प्रक्षालन अधिनियम में संशोधन का प्रस्ताव हुआ पास। पोर्टेबल और नन-पोर्टेबल व्यवस्था में बदलाव करने का प्रस्ताव पर मुहर लगी है। जनपद औरैया के दिबियापुर में बस स्टेशन निर्माण कराये जाने के लिए भूमि उपलब्ध कराए जाने के प्रस्ताव पर मुहर लगी है। जेवर एयरपोर्ट क्षेत्र के बीच आने वाली ग्राम समाज एवं अन्य सरकारी भूमि को नि:शुल्क नागरिक उड्डयन विभाग को देने के प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी मिली है।

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