सुप्रीम कोर्ट सर्वोच्च है मगर अचूक नहीं : एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी

हैदराबाद डेस्क/ ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने शनिवार को कहा कि सुप्रीम कोर्ट सर्वोच्च है, लेकिन अचूक नहीं है। उन्होंने अयोध्या भूमि विवाद मामले में फैसले को तथ्यों के ऊपर आस्था की एक जीत बताया।

अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए ओवैसी ने आशंका व्यक्त की कि संघ परिवार अब मथुरा और काशी सहित अन्य मस्जिदों को निशाना बनाएगा। हैदराबाद के सांसद ने आगाह किया कि देश एक हिंदू राष्ट्र की राह पर बढ़ रहा है।

सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को अयोध्या में 2.77 एकड़ विवादित भूमि का स्वामित्व हिंदुओं को दे दिया, जिसके बाद वहां राम मंदिर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो गया है। अदालत ने फैसला सुनाया कि मुसलमानों को वैकल्पिक स्थल पर पांच एकड़ जमीन मिलेगी।

ओवैसी ने संवाददाताओं से कहा कि जिन लोगों ने बाबरी मस्जिद को ध्वस्त किया, उन्हें राम मंदिर बनाने के लिए जमीन सौंपी गई है। उन्होंने कहा, अगर बाबरी मस्जिद को छह दिसंबर, 1992 को ध्वस्त नहीं किया जाता, तो सुप्रीम कोर्ट का फैसला क्या होता।

उन्होंने कहा कि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) मस्जिद बनाने के लिए पांच एकड़ वैकल्पिक भूमि की पेशकश पर फैसला करेगा। उन्होंने कहा कि उनका निजी विचार है कि इस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया जाना चाहिए।

कांग्रेस का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया के माध्यम से अपना असली रंग दिखाया है। उन्होंने कहा कि यह कांग्रेस के शासन के दौरान ही हुआ था कि मूर्तियों को मस्जिद में रखा गया, उसके ताले खोले गए और मस्जिद को ध्वस्त कर दिया गया।

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