TIL Desk लखनऊ:👉सपा मुखिया अखिलेश यादव ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा-‘भाजपा जिस तरह से संविधान को बदलने की बात कहकर ‘आरक्षण’ को अप्रत्यक्ष रूप से नकारती है, उसी तरह से समाज-विभाजन की बात कहकर ‘जातीय जनगणना’ को नकारती है. जन-विरोधी भाजपा ऐसी बातें सीधे कहने की बजाय अपने दशमुखियों से करवाती है और जब जन-विरोध बढ़ता है तो बेशर्मी से वापस लेने की बात भी करती है और मोहरे बने बेचारों से पल्ला झाड़ लेती है. ऐसे में वो बेचारे, जनता का आक्रोश झेलने के लिए मुँह ताकते रह जाते हैं बेसहारे. भाजपा अपनों की ही सगी नहीं है, जनता की क्या होगी.’
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