भोपाल
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में दो दिनों तक चले ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 के समापन समारोह में शामिल होने पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कार्यक्रम खत्म होने के बाद इंदौर के लिए रवाना हुए। सूत्रों के मुताबिक इस दौरान उन्होंने नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बारे में पूछा, तब उन्हें बताया गया कैलाश विजयवर्गीय इंदौर निकल चुके हैं। इसके बाद अमित शाह का कॉल कैलाश विजयवर्गीय के पास पहुंचा तब तक कैलाश भोपाल से काफी दूर निकल चुके थे। लेकिन अमित शाह का कॉल आने के तत्काल बाद वह वापस स्टेट हैंगर लौटे।
इस दौरान उनकी अमित शाह से शॉर्ट मीटिंग भी हुई। बताया जा रहा है अमित शाह ने केंद्रीय राजनीति में उनसे मुलाकात कर नाराजगी की तमाम अटकलें को भी खारिज किया है और संदेश देने की कोशिश भी की है।
कैलाश विजयवर्गीय को बुलाया
अमित शाह मंगलवार शाम करीब 6 बजे स्टेट हैंगर पहुंचे। BJP के कार्यकर्ता उन्हें विदा करने के लिए इंतज़ार कर रहे थे। लेकिन गृह मंत्री अमित शाह जाने की बजाय VIP लाउंज में चले गए। सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने कैलाश विजयवर्गीय को ढूंढा। विजयवर्गीय, जो पहले BJP के राष्ट्रीय महासचिव भी रह चुके हैं, शाह के संगठनात्मक टीम का हिस्सा थे। जब शाह BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे। अगस्त 2015 में शाह ने ही विजयवर्गीय को पश्चिम बंगाल का प्रभारी राष्ट्रीय महासचिव नियुक्त किया था।
उज्जैन के रास्ते में थे कैलाश विजयवर्गीय
वहीं, जब अमित शाह का संदेश कैलाश विजयवर्गीय तक पहुंचा तो वह उज्जैन के रास्ते में थे। उन्हें एक पार्टी कार्यकर्ता की शादी में शामिल होना था। और फिर महाकाल मंदिर में महाशिवरात्रि का उत्सव मनाना था। वह भोपाल के बाहरी इलाके में पहुंच चुके थे। लेकिन शाह के फोन के बाद, उन्होंने अपने ड्राइवर को स्टेट हैंगर जाने का निर्देश दिया। इस बीच, शाह VIP लाउंज में विजयवर्गीय का इंतजार कर रहे थे। विजयवर्गीय के पहुंचते ही दोनों नेताओं ने लगभग 20 मिनट तक बंद कमरे में बातचीत की।
कैलाश विजयवर्गीय की होगी संगठन में वापसी
इस मुलाकात के बाद, राजनीतिक गलियारों में चर्चा शुरू हो गई है। कयास लगाए जा रहे हैं कि विजयवर्गीय को प्रदेश BJP अध्यक्ष पद के लिए दावेदार माना जा रहा है। एक वरिष्ठ BJP पदाधिकारी ने बताया कि एमपी के दो नेता अमित शाह के करीबी माने जाते हैं कैलाश विजयवर्गीय और नरोत्तम मिश्रा। मिश्रा 2023 के विधानसभा चुनाव हारने के बाद से सक्रिय नहीं हैं। और विजयवर्गीय, जिन्होंने बंगाल में BJP को एक विकल्प के रूप में स्थापित करने में बड़ी भूमिका निभाई, राज्य में वापस आकर केवल कैबिनेट मंत्री बनने से असंतुष्ट हैं।
राष्ट्रीय अध्यक्ष को लेकर अटकलें
कुछ लोग यह भी कह रहे हैं कि अगले महीने BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव होना है। क्या विजयवर्गीय प्रदेश अध्यक्ष पद की दौड़ में हैं या राष्ट्रीय अध्यक्ष पद की? या फिर वह सिर्फ राजनीतिक फीडबैक ले रहे थे? इसका जवाब किसी के पास नहीं है। और विजयवर्गीय भी इस बारे में कुछ नहीं कह रहे हैं।
जल्द होने वाले हैं बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव
GIS के बाद, राज्य का अगला बड़ा राजनीतिक कार्यक्रम प्रदेश BJP अध्यक्ष का चुनाव है। वर्तमान अध्यक्ष वीडी शर्मा का कार्यकाल इस महीने की शुरुआत में पूरा हो गया है। एक पार्टी पदाधिकारी ने बताया कि केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, जिन्हें प्रदेश अध्यक्ष चुनाव का प्रभार दिया गया है, 1 मार्च को भोपाल आ सकते हैं। वे 413 पार्टी प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे। ये प्रतिनिधि ही अगले प्रदेश BJP अध्यक्ष का चुनाव करेंगे। नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति मार्च के पहले हफ्ते के अंत तक होने की उम्मीद है।
कई सवाल खड़े हो रहे
अचानक हुई मुलाकात ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या वाकई विजयवर्गीय को कोई बड़ी जिम्मेदारी मिलने वाली है? क्या यह मुलाकात मध्यप्रदेश की राजनीति की दिशा बदल देगी? आने वाला समय ही इन सवालों का जवाब देगा।
सरकार में शामिल होने से खुश नहीं?
कथित तौर पर यह चर्चा होती है कि कैलाश विजयवर्गीय सरकार में खुद को असहज महसूस करते हैं। साथ ही कुछ चीजों को लेकर उनकी असहमति भी रहती है। यह जानकारी आलाकमान तक पहुंची थी। शायद यही वजह रही कि अमित शाह ने उन्हें मिलने के लिए बुलाया है। ऐसे में अनुमान यह भी है कि उन्हें संगठन में बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है। हालांकि कैलाश विजयवर्गीय ने इस मुलाकात पर चुप्पी साध रखी है। मुलाकात के बाद बुधवार की सुबह उन्होंने महाकाल मंदिर जाकर अपने परिवार के साथ पूजा की है।
20 मिनट तक बंद कमरे में हुई बैठक
बताया जा रहा है कि जब अमित शाह ने फोन किया तो उस समय विजयवर्गीय पार्टी कार्यकर्ताओं की शादी में शामिल होने और महाकाल मंदिर में महाशिवरात्रि उत्सव में भाग लेने के लिए उज्जैन की तरफ जा रहे थे। वह भोपाल के आउटर इलाके में पहुंच चुके थे लेकिन केंद्रीय गृह मंत्री का फोन आने पर उन्होंने अपने ड्राइवर को वापस स्टेट हैंगर की ओर जाने का आदेश दिया। सूत्रों के मुताबिक, यहां पहुंचने के बाद दोनों नेताओं के बीच करीब 20 मिनट तक बंद कमरे में बैठक हुई।
अमित शाह के फोन से राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा
बता दें कि अमित शाह की एक कॉल और अचानक से हुई इस मुलाकात ने राज्य के राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा शुरू कर दी है। सूत्र बता रहे हैं कि शाह ने खुद विजयवर्गीय को स्पेशली फोन कॉल किया, जिसके बाद उन्होंने अपनी कार वापसी दिशा में दौड़ा दी और यह मीटिंग हुई। इसके बाद चर्चा शुरू हो गई कि जीआईएस खत्म होने के बाद मध्य प्रदेश में क्या कोई अगला बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम होने वाला है।