TIL Desk यूपी:
लोहड़ी उत्तर भारत का एक रंगीन और खुशियों से भरा त्यौहार है, जिसे अलाव, संगीत, नाच, गाना और साथ मिलकर मनाया जाता है। इस लोहड़ी पर ज़ी टीवी के पसंदीदा कलाकारों ने उम्मीद, अपनापन और नई शुरुआत के साथ लोहड़ी का जश्न मनाया है।
‘तुम से तुम तक’ में अनु का किरदार निभा रहीं निहारिका चौकसे ने कहा, ‘‘मेरे लिए लोहड़ी का मतलब है लंबे शूट के बाद घरवालों के साथ बैठने का अपनापन, उन दोस्तों के साथ हंसी मजाक और चाय की प्यालियां, जो अब अपने बन चुके हैं, और हर उस पल के लिए शुक्रिया, जिसने मुझे बनाया, चाहे वह अच्छा हो या मुश्किल।’’
‘जाने अनजाने हम मिले’ में रीत का किरदार निभा रहीं आयुषी खुराना ने कहा, ‘‘लोहड़ी का यह त्यौहार अपनापन, साथ होने की खुशी और उन लोगों का जश्न है, जो जिंदगी के हर कदम पर आपके साथ खड़े रहते हैं।’’
‘जगद्धात्री’ में जगद्धात्री का किरदार निभा रहीं सोनाक्षी बत्रा ने कहा, ‘‘मेरे लिए त्यौहार जिंदगी की कहानी के वो पन्ने हैं, जो दिल से जुड़े होते हैं और मुझे याद दिलाते हैं कि रोशनी और कैमरों के पीछे असल में क्या मायने रखता है। लोहड़ी हमेशा ऐसा समय रहा है जब दिल भर जाता है, अपनों के साथ बैठना, रात तक चलती हंसी और यह समझ कि हर मुश्किल और हर जीत अपने साथ एक अलग अपनापन लेकर आती है।’’
‘गंगा माई की बेटियां’ में स्नेहा का किरदार निभा रहीं अमनदीप सिद्धू ने कहा, ‘‘यह त्यौहार मुझे सीधे अपने बचपन में ले जाता है, ढोल की धुन पर नाचते हुए वो रातें, अलाव के पास मूंग फली और पॉपकॉर्न की खुशबू, और परिवार व दोस्तों की वो हंसी, जो जैसे खत्म ही नहीं होती थी। मेरे लिए लोहड़ी का मतलब है अपनी जड़ों को अपनाना, अपनी शुरुआत का सम्मान करना और उसी अपनापन को हर नए दिन में साथ लेकर चलना है।’’
