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घूमना-फिरना मन और आत्मा को देता है नई ऊर्जा!

घूमना-फिरना मन और आत्मा को देता है नई ऊर्जा!

TIL Desk मुंबई:👉राष्ट्रीय पर्यटन दिवस (नेशनल टूरिज्म डे) के अवसर पर टीवी के लोकप्रिय कलाकारों ने यात्रा के प्रति अपने प्यार, अपने शहरों और दिल के बेहद करीब जगहों को लेकर खुलकर बातें कीं। एण्डटीवी के कलाकारों का मानना है कि घूमना-फिरना उनके मन और आत्मा को नई ऊर्जा देता है।

‘घरवाली पेड़वाली‘ में ‘जीतू’ का किरदार निभा रहे पारस अरोड़ा कहते हैं, ‘‘बरेली मेरे लिए हमेशा घर रहेगा। इसकी सादगी, यहां के लोग और सांस्कृतिक रंग इसे खास बनाते हैं। मेरी सबसे यादगार यात्राओं में से एक बरेली से नैनीताल की रोड ट्रिप रही, जो मैंने अपने कुछ करीबी दोस्तों के साथ की थी। घुमावदार पहाड़ी रास्तों पर बाइक चलाना, ठंडी हवा का एहसास और फिर नैनी झील में बोटिंग-सब कुछ बेहद सुकून भरा था। दो पहियों पर सफर करने की आज़ादी ही कुछ और होती है, यह मुझे प्रकृति और खुद से जोड़ देती है।’’

इधर, गीतांजलि मिश्रा, जो ‘हप्पू की उलटन पलटन‘ में राजेश का किरदार निभा रही हैं, कहती हैं, ‘‘वाराणसी में घाटों की रौनक, मंत्रों की गूंज, अगरबत्तियों की खुशबू और गंगा की दिव्यता-यह सब मिलकर इसे दुनिया की सबसे खास जगहों में से एक बनाता है। मेरी सबसे प्यारी याद सुबह-सुबह गंगा घाट पर नाव की सवारी की है, जब सूरज उगता है और शहर धीरे-धीरे जागता है। वाराणसी मुझे शांति, धैर्य और कृतज्ञता सिखाता है। हर बार वहां जाकर मुझे अपनी जड़ों से जुड़ाव महसूस होता है।’’
उधर, शिल्पा शिंदे, जो ‘भाबीजी घर पर हैं 2.0‘ में अंगूरी भाबी की भूमिका में नजर आ रही हैं, बताती हैं, ‘‘महाराष्ट्र रंगों और जीवन से भरा हुआ राज्य है। अलीबाग के समुद्र तट, अजंता-एलोरा की गुफाएं और मुंबई की चकाचौंध-यहां सब कुछ है। लेकिन मेरा सबसे सुकून भरा ठिकाना करजत में मेरा फार्महाउस है। वहां हरियाली, चहचहाते पक्षी और शांति मिलती है, जो शहर की भागदौड़ से दूर है। महाबलेश्वर भी मेरी पसंदीदा जगहों में से एक है-स्ट्रॉबेरी के खेत, धुंध से ढकी पहाड़ियां और खूबसूरत नज़ारे मन को बेहद सुकून देते हैं।’’

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