TIL Desk मुंबई:
इस वैलेंटाइंस डे पर एक खास पहल शुरू की है, जो दिखाती है कि प्यार अक्सर शब्दों में नहीं, बल्कि छोटे-छोटे कामों, साथ निभाने और रोज़मर्रा के अंदाजों में छुपा होता है। ‘इंडिया का लव लैंग्वेज‘ नामक यह कैम्पेन इस बात को सामने लाता है कि हमारे यहाँ प्यार अक्सर छोटे-छोटे अंदाज़ में दिखता है।
खासकर पुरुषों में, जो अपने प्यार को ज्यादातर खुलकर नहीं जताते। एण्डटीवी इस पहल के जरिए लोगों को प्रोत्साहित करता है कि वे अपने प्यार को आसान, सीधे तरीके से और दिल से जताएँ।इस सोच को महसूस कराने के लिए, एण्डटीवी ने दिल्ली में एक खास एक्टिवेशन किया। यहाँ गुलाब को प्यार का सरल लेकिन असरदार प्रतीक बनाया गया। जोरदार इज़हार या दिखावटी रोमांस की जगह, यह पहल लोगों को हल्की सी प्रेरणा देती है-किसी खास व्यक्ति को गुलाब देकर अपने प्यार को जताने की।
इस पहल का सबसे अहम हिस्सा है ‘भाबीजी घर पर हैं 2.0‘ जो एण्डटीवी की सोच को पूरी तरह दर्शाता है। हल्के-फुल्के ह्यूमर और रोज़मर्रा के रिश्तों के लिए जाना जाने वाला यह शो दिखाता है कि प्यार छोटे-छोटे अंदाज़ों, साथ बिताए पलों और अनकही समझ से व्यक्त होता है। इसी वजह से संदेश “आपके प्यार के लिए एक अनोखा तोहफा-सही पकड़े हैं” बिल्कुल फिट बैठता है और शो इस कैम्पेन से सीधे जुड़ जाता है।
इस पहल के बारे में बात करते हुए, कावेरी दास, चीफ़ चैनल ऑफिसर, एण्डटीवी और बिज़नेस हेड, हिंदी, ज़ी5 ने कहा, ‘‘इस वैलेंटाइन डे पहल के जरिए हम उस नज़ाकत भरे प्यार को सेलिब्रेट करना चाहते हैं और लोगों को इसे पहचानने के लिए प्रेरित करना चाहते हैं। ‘भाबीजी घर पर हैं 2.0‘ इसे खूबसूरती से दिखाता है-जहाँ रिश्ते बड़े इज़हारों की बजाय ह्यूमर, अपनापन और रोज़मर्रा के छोटे-छोटे अंदाज़ों से मजबूत होते हैं।यह कैम्पेन इस अपनेपन को स्क्रीन के बाहर भी लोगों की ज़िंदगी में लाने की हमारी कोशिश है।’’
