- शाहजहांपुर में ‘डॉक्टर हीरो’ की एंट्री — नशे के खिलाफ जंग, गंगा-जल बचाने की मुहिम, मंच से बदल रहे समाज!
TIL Desk लखनऊ:
शाहजहांपुर के डॉ. आनंद प्रकाश मिश्र ने साबित कर दिया कि अगर इरादे मजबूत हो तो एक शख्स भी बदलाव की लहर बना सकता है, एक इंसान अगर ठान ले तो समाज बदल सकता है। जहां एक तरफ नौजवान नशे की गिरफ्त में फंसते जा रहे हैं, वहीं डॉ. मिश्र अपने लिखे और निर्देशित नाटकों के जरिए नशा मुक्ति अभियान को जन-जन तक पहुंचा रहे हैं। स्कूल कॉलेज और सार्वजनिक मंचों से युवाओं को जागरूक कर रहे हैं।
खास बात ये है कि वो सिर्फ डॉक्टर ही नहीं, बल्कि खुद स्क्रिप्ट लिखते हैं, खुद नाटक तैयार करते हैं और मंच पर खुद हीरो बनते हैं — और उनकी पत्नी नलनी मिश्रा हर कदम पर साथ निभाते हुए हीरोइन की भूमिका में उनकी मुहिम को मजबूत कर रही हैं।
उनके अभियान सिर्फ नशा मुक्ति तक सीमित नहीं —
टीबी जैसी गंभीर बीमारी पर जागरूक,
पोलियो और खसरा के खिलाफ संदेश,
पर्यावरण संरक्षण,
गंगा स्वच्छता अभियान,
जल संरक्षण पर विशेष नाट्य प्रस्तुति, हर मोर्चे पर सक्रिय, इन्हीं सामाजिक योगदानों को देखते हुए डॉक्टर आनंद प्रकाश मिश्र को उनके वर्तमान समाजिक कार्यों के लिए अनेकों सम्मान मिल चुके हैं, लेकिन अब उनके नाम कुछ और बड़ी जिम्मेदारी जुड़ने जा रही है, सूत्रों की मानें तो उनका नाम सेंसर बोर्ड की सदस्यता के लिए चयनित हुआ है।
इतना ही नहीं, जानकारी यह भी है कि उन्हें जल्द ही “जल पुरुष” सम्मान से भी नवाज़ा जा सकता है — जो उनके गंगा-जल संरक्षण और पर्यावरण जागरूकता अभियानों का बड़ा सम्मान माना जा रहा है।
कहा जाता है एक अकेला इंसान कुछ नहीं कर सकता… लेकिन जब परिवार साथ हो तो हर मिशन मुमकिन हो जाता है। डॉ. आनंद प्रकाश मिश्र और उनका परिवार इसी का जीता-जागता उदाहरण हैं। ऐसे समर्पित समाजसेवियों को सलाम!
