TIL Desk अमेठी:👉अमेठी जिले में सोशल मीडिया पर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर एक गंभीर मामला प्रकाश में आया है। जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश मसाला ने स्वयं को पत्रकार बताने वाले त्रिपुरारी पांडेय के खिलाफ थाना स्तर पर एफआईआर दर्ज कराई है।
दर्ज शिकायत के अनुसार, आरोपी द्वारा विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लगातार ऐसी पोस्ट साझा की जा रही थीं, जिनका उद्देश्य राजेश मसाला, उनके परिवार की छवि को नुकसान पहुंचाना था।
राजेश मसाला ने बताया कि पिछले चार वर्षों के दौरान उनके खिलाफ की गई सभी आपत्तिजनक पोस्ट और टिप्पणियों का रिकॉर्ड उनके पास सुरक्षित है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जांच के दौरान वे सभी साक्ष्य संबंधित अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत करेंगे।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
यह उल्लेखनीय है कि उक्त एफआईआर सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2008 (IT Act, 2008) की धारा 67 के तहत दर्ज की गई है। इस धारा के अंतर्गत दोष सिद्ध होने पर आरोपी को अधिकतम 5 वर्ष के कारावास तथा ₹10,00,000 तक के जुर्माने का प्रावधान है।
इस पूरे प्रकरण को लेकर यह मुद्दा भी उभरकर सामने आया है कि आजकल कुछ लोग माइक्रोफोन आईडी और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्वयं को पत्रकार घोषित कर देते हैं तथा बिना किसी प्रमाणिकता के इंटरव्यू या खबरें प्रसारित करते हैं। आरोप यह भी है कि ऐसे तथाकथित स्वयंभू पत्रकारों द्वारा लोगों को ब्लैकमेल करने जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं।
इस संदर्भ में यह आवश्यक है कि सरकार इस विषय पर गंभीरता से ध्यान दे और ऐसे मामलों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए कड़े कदम उठाए। साथ ही, स्वयंभू पत्रकारों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि मीडिया की विश्वसनीयता बनी रहे और आम नागरिकों का शोषण न हो।
विगत कुछ समय में सोशल मीडिया पर भ्रामक एवं आपत्तिजनक सामग्री के प्रसार को लेकर एफआईआर दर्ज होने की घटनाओं में लगातार वृद्धि देखी जा रही है, जिस पर प्रशासन द्वारा सख्ती बरती जा रही है।
