TIL Desk लखनऊ:
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व सीएम स्व. हेमवती नंदन बहुगुणा की जयंती पर उन्हें नमन किया और योजना भवन स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि बहुगुणा भारत की राजनीति के महत्वपूर्ण स्तंभ थे। उनका जन्म तत्कालीन उत्तर प्रदेश (वर्तमान उत्तराखंड) के पौड़ी गढ़वाल जनपद में 25 अप्रैल 1919 को हुआ था।
प्रारंभिक शिक्षा गांव में अर्जित करने के उपरांत उच्च शिक्षा के लिए वह प्रयागराज आ गए थे। 1942 से 1946 तक राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के आह्वान पर ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ में बहुगुणा जी की सक्रिय सहभागिता रही, जिस कारण ब्रिटिश सरकार ने उन्हें जेल में भी डाला था। मुख्यमंत्री ने कहा कि बहुगुणा ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय के प्रखर छात्रनेता के रूप में अपनी छाप छोड़ी।
वह देश के स्वाधीनता आंदोलन में लगातार सक्रिय रहे। आजादी के बाद 1952 के पहले आम चुनाव में वह पहली बार उत्तर प्रदेश विधानसभा के सदस्य बने। उन्हें प्रदेश सरकार के मंत्री के रूप में भी कार्य करने का अवसर प्राप्त हुआ था। उत्तर प्रदेश में विभिन्न विभागों के मंत्री तथा मुख्यमंत्री के रूप में उनकी सेवाएं सराहनीय रहीं।
सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश के विकास को लेकर बहुगुणा का अपना विजन था। उसे आज भी प्रभावी रूप से धरातल पर उतरते हम सभी महसूस कर सकते हैं। बहुगुणा ने केंद्र सरकार में भी अनेक मंत्रालयों में सेवाएं दीं। लंबे राजनीतिक व सार्वजनिक जीवन में देश के प्रति उनकी सेवा उल्लेखनीय रही हैं, जो वर्तमान पीढ़ी के लिए प्रेरणा है।
30 अप्रैल को यूपी विधानसभा सत्र को लेकर कार्यक्रम जारी किया गया | महिला सशक्तिकरण और अधिकारों को लेकर होगी चर्चा | महिला सुरक्षा, अधिकार, रोजगार, शिक्षा और सामाजिक भागीदारी पर होगी चर्चा |
यूपी विधानसभा सदन में पेश होंगे कई महत्वपूर्ण अध्यादेश | 30 अप्रैल को सदन में अध्यादेश अधिसूचनाएं और नियम रखे जाएंगे | पुनर्स्थापित किए जाने वाले विधेयक भी सदन में पेश होंगे | यूपी लोक सेवा अधिकरण संशोधन अध्यादेश 2026 होगा पेश |
यूपी राजस्व संहिता संशोधन अध्यादेश 2026 होगा पेश | उत्तर प्रदेश वानिकी और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय अध्यादेश 2026 होगा पेश | उत्तर प्रदेश दंड विधि अपराधों का समन और विचारण अध्यादेश 2026 होगा पेश | उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय संशोधन अध्यादेश 2026 होगा पेश।
