TIL Desk मुंबई:
डांस एक ऐसी कला है, जो बिना कुछ कहे दिल के सबसे गहरे जज़्बात बयां कर देती है। ‘वर्ल्ड डांस डे’ के खास मौके पर ज़ी टीवी के कलाकार अमनदीप सिद्धू, आयुषी खुराना, सायंतनी घोष, अक्षिता मुद्गल, मोहक मटकर और निहारिका चौकसे ने बताया कि डांस उनके लिए क्या मायने रखता है।
‘गंगा माई की बेटियां’ में स्नेहा का किरदार निभा रहीं अमनदीप सिद्धू कहती हैं, ‘‘वर्ल्ड डांस डे पर मैं सभी के लिए खुशी और मुस्कान की कामना करती हूं, क्योंकि डांस सच में जज़्बात और आनंद का सबसे खूबसूरत रूप है। यह बिना शब्दों के दिलों को जोड़ने और हमारे भीतर के सबसे सच्चे एहसास बाहर लाने की ताकत रखता है।’’
‘जाने अनजाने हम मिले’ में रीत का किरदार निभा रहीं आयुषी खुराना कहती हैं, ‘‘मेरे लिए डांस खुशी और आजादी का एहसास है। यही वह जगह है, जहां मैं खुद को सबसे ज्यादा जिंदा महसूस करती हूं। डांस मेरे लिए यह जिंदगी का जश्न है, जो मेरी निजी और प्रोफेशनल जिंदगी दोनों में नजर आता है।’’
‘जगद्धात्री’ में माया का किरदार निभा रहीं सायंतनी घोष कहती हैं, ‘‘गाना और एक्टिंग हमेशा मेरे दिल के बहुत करीब रहे हैं, लेकिन डांस भी ऐसी चीज है जिसे मैं दिल से पसंद करती हूं। यह सिर्फ एक कला नहीं, बल्कि संस्कृति और कहानी कहने का खूबसूरत जरिया है। यह बात मुझे हमेशा हैरान करती है कि बिना एक शब्द बोले, हर मूवमेंट अपनी कहानी कह सकता है।’’
‘लक्ष्मी निवास’ में राधिका का किरदार निभा रहीं अक्षिता मुद्गल कहती हैं, ‘‘डांस मेरी जिंदगी में खुशी और संतुलन लेकर आता है। वर्ल्ड डांस डे पर मैं यही चाहूंगी कि हर कोई इस खूबसूरत कला का जश्न मनाए और इसका आनंद ले।’’
‘सरू’ में सरू का किरदार निभा रहीं मोहक मटकर कहती हैं, ‘‘एक एक्टर के तौर पर मुझे लगता है कि डांस मेरी परफॉर्मेंस में एक अलग गहराई जोड़ता है। यह मुझे सीमाओं से बाहर जाकर उन जज़्बात को जाहिर करने की ताकत देता है, जो कई बार लिखे हुए डायलॉग्स से भी आगे होते हैं।’’
‘तुम से तुम तक’ में अनु का किरदार निभा रहीं निहारिका चौकसे कहती हैं, ‘‘डांस हमेशा से मेरे लिए खुशी और खुद को जाहिर करने का जरिया रहा है। मेरा मानना है कि हर इंसान के भीतर एक डांसर छिपा होता है और वर्ल्ड डांस डे उसे अपनाने का सबसे अच्छा मौका है।’’
