TIL Desk लखनऊ:
स्वामी प्रसाद मौर्य द्वारा प्रदेश में लगातार बढ़ रही आपराधिक घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की गई। प्रदेश सरकार पूरी तरह से उदासीन बनी हुई है और कानून-व्यवस्था की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है।
हरदोई और गाजीपुर जैसी घटनाओं के बाद भी सरकार केवल औपचारिक कार्रवाई कर रही है। गाजीपुर में पीड़ित को आर्थिक मदद तो दी गई, लेकिन मुख्य अभियुक्त अब तक गिरफ्तारी से दूर है, जो सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करता है।
फतेहपुर के खागा क्षेत्र में साधना मौर्य के साथ हुई जघन्य घटना का जिक्र करते कहा कि अपराधियों ने उसके पति को बंधक बनाकर सामूहिक बलात्कार किया। इस मामले में मुख्य अभियुक्त पर 25,000 रुपये का इनाम घोषित किया गया है, लेकिन अभी तक गिरफ्तारी नहीं हुई है। शेष अभियुक्त भाजपा के संगठन से जुड़े हैं और उन्हें संरक्षण मिल रहा है।
प्रतापगढ़ की घटना में हत्या कर शव को पेड़ पर लटकाने की घटना को कानून-व्यवस्था की पूरी विफलता बताया। एटा और रामपुर में भी पीड़ितों को गंभीर रूप से पीटा गया, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है, जबकि आधे से अधिक आरोपी अब भी फरार हैं।
यह सरकार अपराधियों को संरक्षण दे रही है, जिससे प्रदेश में गुंडाराज स्थापित हो गया है। आज ओबीसी और एससी समाज के लोगों पर अत्याचार बढ़ रहे हैं, और अपराधियों का संबंध किसी एक धर्म से नहीं बल्कि फारवर्ड वर्ग से है।
सरकार से मांग की कि वह नींद से जागे और प्रदेश में कानून का राज स्थापित करे। अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर गुंडाराज खत्म किया जाए। यदि अपराधों पर रोक नहीं लगाई गई तो सरकार को जगाने के लिए बड़ा जनांदोलन किया जाएगा।
बाईट: स्वामी प्रसाद मौर्या
