TIL Desk लखनऊ:
सीबीएसई स्कूल मैनेजर्स एसोसिएशन, यूपी भारत की इमरजेंसी जनरल बॉडी मीटिंग का आयोजन किया गया। प्रदेश भर के सीबीएसई स्कूलों से जुड़े प्रबंधकों ने बैठक में हिस्सा लेकर शिक्षा व्यवस्था से जुड़े कई अहम मुद्दों पर मंथन किया।
बैठक में उठे प्रमुख मुद्दे: – फीस विनियमन और सरकारी निर्देश: निजी स्कूलों की फीस संरचना और राज्य सरकार के नए दिशा-निर्देशों को लेकर प्रबंधकों ने चिंता जताई।
– मान्यता और संबद्धता प्रक्रिया: सीबीएसई से संबद्धता नवीनीकरण और एनओसी से संबंधित जटिलताओं को सरल बनाने की मांग की गई।
– पाठ्यक्रम और पुस्तकें: एनसीईआरटी पाठ्यक्रम में बदलाव और नई पुस्तकों की उपलब्धता पर समय पर निर्णय लेने की जरूरत पर जोर दिया गया।
– सुरक्षा और बुनियादी ढांचा: स्कूलों में छात्रों की सुरक्षा, सीसीटीवी, फायर सेफ्टी और अन्य मानकों को लेकर सीबीएसई के निर्देशों पर चर्चा हुई।
– शिक्षक प्रशिक्षण और वेतन: योग्य शिक्षकों की कमी और उनके प्रशिक्षण वेतनमान को लेकर नीति स्पष्ट करने की मांग उठी।
एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि सीबीएसई स्कूलों के हितों की रक्षा और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना प्राथमिकता है। बैठक में लिए गए प्रस्तावों को शिक्षा विभाग और सीबीएसई को भेजा जाएगा।
