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पंचायतीराज विभाग की 5 वर्षों की उपलब्धियों का मुख्य सचिव के सम्मुख हुआ विस्तृत प्रस्तुतीकरण

पंचायतीराज विभाग की 5 वर्षों की उपलब्धियों का मुख्य सचिव के सम्मुख हुआ विस्तृत प्रस्तुतीकरण
  • मुख्य सचिव ने पंचायतीराज विभाग के कार्यों को सराहा, प्रस्तावित सभी पदों को दी मंजूरी
  • पंचायतों के विकास और डिजिटल व्यवस्थाओं को मजबूत करने के लिए पंचायतीराज विभाग की अहम बैठक संपन्न
  • पंचायतीराज विभाग के सुचारु संचालन के लिए रिक्त पदों को भरने और प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण पर जोर

TIL Desk लखनऊ:👉उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एस. पी. गोयल के समक्ष पंचायतीराज विभाग द्वारा बीते 5 वर्षों में अर्जित की गईं विशिष्ट उपलब्धियों और किए गए सराहनीय कार्यों का एक विस्तृत प्रेजेंटेशन (प्रस्तुतीकरण) दिया गया। इस उच्चस्तरीय बैठक के दौरान विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन, ग्राम पंचायतों के सशक्तीकरण, डिजिटल गवर्नेंस, ग्रामीण विकास और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े तमाम अहम पहलुओं पर गहराई से मंथन हुआ।

मुख्य सचिव ने विभाग की कार्यशैली और प्रगति की सराहना करते हुए, प्रस्तावित सभी पदों को अपनी मंजूरी प्रदान किया। इसके साथ ही, वित्त विभाग की ओर से भी वित्तीय मामलों से संबंधित महत्वपूर्ण सुझाव और टिप्पणियां साझा की गईं।

बैठक के दौरान पंचायतीराज विभाग के प्रमुख सचिव अनिल कुमार ने विभाग के सुचारु और प्रभावी संचालन के लिए खाली पड़े विभिन्न पदों को तत्काल भरने की जरूरत को रेखांकित किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में योजनाओं के सफल क्रियान्वयन और विभाग की बढ़ती जवाबदेही को देखते हुए आवश्यक मानव संसाधन (स्टाफ) की उपलब्धता बेहद जरूरी है।

बैठक में पंचायतीराज निदेशक अमित कुमार सिंह ने एक व्यापक प्रस्तुतीकरण के माध्यम से पिछले पांच साल के सफर और प्रगति का ब्योरा सामने रखा। उन्होंने पंचायत भवनों के निर्माण, ई-गवर्नेंस की दिशा में बढ़ते कदम, ग्राम पंचायतों में बुनियादी ढांचे के विकास, सुदृढ़ वित्तीय प्रबंधन और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जमीनी सफलता के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

इस महत्वपूर्ण बैठक में संयुक्त निदेशक एस. एन. सिंह, उप निदेशक प्रवीण सिंह, वित्त नियंत्रक अमितोष श्रीवास्तव सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक के दौरान अधिकारियों ने विभाग की आगामी कार्ययोजना और प्रशासनिक ढांचे को और अधिक मजबूत बनाने की रणनीति पर भी चर्चा की।

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