नई दिल्ली
ओलिंपिक पदक विजेता लवलीना बोर्गोहैन ने ओलिंपिक, वर्ल्ड चैंपियनशिप और एशियन गेम्स में तो मेडल जीते हैं लेकिन कॉमनवेल्थ गेम्स में पहले दो कोशिशों में वो मेडल नहीं जीत पाई हैं. लवलीना के लिए इस बार ना सिर्फ़ पदक जीतने का बल्कि गोल्ड जीतने का शानदार मौक़ा होगा. बॉक्सिंग के ड्रॉ का एलान भारतीय महिला बॉक्सर्स के लिए राहत की ख़बर लेकर आया है. भारतीय महिला मुक्केबाज़ों को पहले की तरह बहुत मुश्किल ड्रॉ नहीं मिले हैं. असम की 28 साल की लवलीना बोर्गोहैन को पहले राउंड में बाई मिला है. लवलीना को 75 किलोग्राम वर्ग में सीधे सेमीफ़ाइनल के लिए रिंग में उतरना है. सेमीफ़ाइनल में उतरते ही लवलीना के लिए पदक पक्का हो जाएगा.
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75 किलोग्राम वर्ग में लवलीना का पहला मैच तलावु की तारोना ताफ़ाकि से होगा. लवलीना सेमीफ़ाइनल में अगर जीत हासिल करती हैं तो फ़ाइनल जीतकर वो गोल्ड भी जीत सकती हैं. ये पदक लवलीना के लिए बेहद ख़ास होगा क्योंकि तीसरी बार कॉमनवेल्थ गेम्स खेल रहीं लवलीना को अबतक कॉमनवेल्थ गेम्स का पदक उनसे दूर ही रहा है.
आज रात 12:30 बजे शुरू हो रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के उद्घाटन समारोह में ओलिंपिक पदक विजेता मणिपुर की भारत की मीराबाई चानू भारत की ध्वजवाहक-Flag Bearer और ओलिंपिक पदक विजेता लवलीना बोर्गोहैन बैटन बियरर- Baton Bearer- मशाल वाहक रहेंगी. इन खेलों के इतिहास में ये पहला मौक़ा है कि ये दोनों सम्मान भारतीय महिला खिलाड़ियों को मिला है.
कौन महिला बॉक्सर पदक के क़रीब?
57 किग्रा वर्ग में भारत की जैस्मीन लैम्बोरिया ने भी एक बाई के साथ क्वार्टरफ़ाइनल में जगह बना ली है. जैस्मीन अच्छे फ़ॉर्म में तो हैं अगर पूरी तरह फ़िट होकर रिंग में उतरती हैं तो उनसे भी बड़े पदक की उम्मीद रहेगी.
महिलाओं के 60 किग्रा वर्ग में एशियन चैंपियन और पूर्व वर्ल्ड चैंपियन भिवाणी की प्रिया घंघस को मेडल राउंड में पहुंचने के लिए सिर्फ़ क्वार्टर फ़ाइनल की बाधा पार करनी होगी. उसी तरह 65 किग्रा वर्ग में भी हरियाणा की प्रवीण हुडा मेडल राउंड से क कदम दूर हैं. उन्हें भी अपना पहला मैच क्वार्टरफ़ाइनल राउंड में ही खेलना है.
70 किग्रा वर्ग में भारत की बेहद टैलेंटेड राजस्थान की अरुंधती चौधरी को पहले राउंड में आख़िरी आठ के मुक़ाबले खेलने हैं. एक मैच जीतते ही वो सेमीफ़ाइनल में पहुंच जाएंगी. उनसे भी गोल्ड की उम्मीद की जा रही है.
पुरुष बॉक्सर्स में कौन पदक के क़रीब?
पुरुषों के 90 किग्रा वर्ग में भारत के कपिल पोखरियाल को एक बाई के साथ क्वार्टरफ़ाइनल में जगह मिली है. यानी एक मैच जीतते ही एक पदक उनके नाम भी पक्का हो जाएगा.
भारत के 7 पुरुष और 7 महिला बॉक्सर्स से इस बार 5 से ज़्यादा पदक और दो गोल्ड मेडल की भी उम्मीद की जा रही है. पुरुषों के 90+ किग्रा वर्ग में नरेन्द्र बेरवाल का पहला मैच क्वार्टरफ़ाइनल मैच ही होगा. भारतीय टीम के बॉक्सिंग कोच में से एक धर्मेन्द्र सिंह यादव कहते हैं, “ भारतीय महिला बॉक्सर्स को अच्छे ड्रॉ मिले हैं. सात में से 4-5 लड़कियों से पदक की उम्मीद ज़रूर रहेगी. लवलीना, प्रीति, प्रिया, अरुंधती ये सब अच्छे फॉर्म में हैं. इनसे पदक की उम्मीद ज़रूर रहेगी. पुरुष वर्ग में सचिन, जादूमणि, नरेन्द्र अच्छे फ़ॉर्म में हैं. बॉक्सिंग से कम से कम 3 गोल्ड मिलने चाहिए. लेकिन बॉक्सिंग में चांस की बात भी होती है. रिंग में एक साथ कई फ़ैक्टर काम करते हैं. इसलिए पहले से मेडल या गोल्ड की बात करना कई बार ज़्यादती हो जाती है.”
