TIL Desk जायस (अमेठी):
राजीव गांधी पेट्रोलियम प्रौद्योगिकी संस्थान (आरजीआईपीटी), जायस में शनिवार को शैक्षणिक सत्र 2026-27 के नवागंतुक छात्रों के लिए अभिविन्यास कार्यक्रम आयोजित किया गया। विवेकानंद सभागार में हुए कार्यक्रम में शिक्षा, ऊर्जा, सरकार, उद्योग और प्रौद्योगिकी क्षेत्र की प्रमुख हस्तियों ने छात्रों का मार्गदर्शन किया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुई।
आरजीआईपीटी के निदेशक प्रो. हरीश हिरानी ने छात्रों का स्वागत करते हुए शैक्षणिक उत्कृष्टता, नई सोच, विषय की गहरी समझ और जिम्मेदार नेतृत्व को सफलता के लिए जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि संस्थान में छात्रों को शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर मिलेंगे।
शासी मंडल के अध्यक्ष प्रो. एबी पंडित ने ऑनलाइन माध्यम से छात्रों को संबोधित किया। उन्होंने संस्थान में उपलब्ध शैक्षणिक, शोध और व्यावसायिक अवसरों का अधिकतम लाभ उठाने तथा कुशल पेशेवर के साथ जिम्मेदार नागरिक बनने की अपील की।
मुख्य अतिथि बीएचयू के कुलपति प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी ने छात्रों से सीखने की जिज्ञासा बनाए रखने और अनुसंधान एवं नवाचार पर ध्यान देने का आह्वान किया। उन्होंने व्यावसायिक जीवन में नैतिक मूल्यों को अपनाने और संस्थान में बिताए समय का सदुपयोग करने की बात कही।
एनआरएल के निदेशक (तकनीकी) गिरीश कुमार बोरा ने ऊर्जा क्षेत्र में हो रहे बदलावों का जिक्र करते हुए तकनीकी ज्ञान और समस्या समाधान की क्षमता को महत्वपूर्ण बताया। एमओपीएनजी के एडीजी डॉ. कौस्तव नाग ने देश के विकास में ऊर्जा क्षेत्र की भूमिका पर प्रकाश डाला। वहीं, नैसकॉम के निदेशक (नवाचार एवं उद्यमिता) नवरत्न कटारिया ने छात्रों को नवाचार, उद्यमिता और तकनीक के क्षेत्र में नए अवसर तलाशने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के बाद शाम 4:15 से 5 बजे तक एलुमनाई इंटरैक्शन सत्र हुआ, जिसमें पूर्व छात्रों ने अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन, राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रगान के साथ हुआ।
