State, Uttar Pradesh, हिंदी न्यूज़

बायोप्लास्टिक अपनाने की दिशा में ऐतिहासिक पहल, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया ‘बायोयुग ग्रीन कमांड 2026’ का शुभारंभ

बायोप्लास्टिक अपनाने की दिशा में ऐतिहासिक पहल, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया ‘बायोयुग ग्रीन कमांड 2026’ का शुभारंभ

TIL Desk लखनऊ:👉विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर बलरामपुर चीनी मिल्स लिमिटेड (बीसीएमएल) और लखनऊ छावनी बोर्ड ने भारत में बायोप्लास्टिक के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए ‘बायोयुग ग्रीन कमांड 2026’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी निर्माण और सतत विकास के लिए बायोप्लास्टिक को भविष्य की आवश्यकता बताते हुए इसके व्यापक उपयोग पर जोर दिया।

कार्यक्रम में बलरामपुर बायोयुग और लखनऊ छावनी बोर्ड के बीच औपचारिक साझेदारी की शुरुआत की गई। इससे पहले दोनों संस्थाओं के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर हो चुके हैं तथा कम्पोस्टेबल पीएलए (पॉली लैक्टिक एसिड) आधारित उत्पादों का पहला संस्थागत ऑर्डर भी दिया जा चुका है। इस पहल का उद्देश्य पारंपरिक प्लास्टिक के स्थान पर पर्यावरण अनुकूल विकल्पों को बढ़ावा देना और प्लास्टिक कचरे को कम करना है।

अपने संबोधन में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सामाजिक जिम्मेदारी नहीं बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और देश के भविष्य से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि माइक्रोप्लास्टिक आज मानव स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन चुका है और वैज्ञानिक शोधों में इसके कण नवजात शिशुओं के रक्त तक में पाए गए हैं। उन्होंने चिंता जताई कि प्लास्टिक प्रदूषण के कारण समुद्री जीवों, नदियों, मिट्टी और मानव स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है।

राजनाथ सिंह ने कहा कि पीएलए आधारित बायोप्लास्टिक पूरी तरह जैविक है और समय के साथ मिट्टी में मिल जाता है। गन्ने से बनने वाला यह बायोप्लास्टिक न केवल पर्यावरण के लिए सुरक्षित है बल्कि देश को आयातित कच्चे माल पर निर्भरता से भी मुक्त करेगा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में गन्ने आधारित बायोइकोनॉमी नए अवसर पैदा कर रही है और प्रदेश अब “बाहुबली युग” से आगे बढ़कर “बायो युग” की ओर अग्रसर है।

कार्यक्रम में भारत की उभरती बायोप्लास्टिक वैल्यू चेन पर आधारित प्रदर्शनी भी लगाई गई। साथ ही आईटीआई मोहम्मदी की छात्राओं को सम्मानित किया गया, जो ‘बिल्डिंग स्किल्स-ट्रांसफॉर्मिंग फ्यूचर्स’ परियोजना के तहत बायोप्लास्टिक आधारित 3डी प्रिंटिंग का प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं। यह पहल बलरामपुर फाउंडेशन, बलरामपुर बायोयुग और आईटीआई मोहम्मदी के सहयोग से संचालित की जा रही है।

बीसीएमएल के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक विवेक सरावगी ने कहा कि भारत की आर्थिक प्रगति और पर्यावरणीय जिम्मेदारी को साथ लेकर चलना समय की मांग है। वहीं कंपनी की एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर अवंतिका सरावगी ने कहा कि बायोमटेरियल्स का क्षेत्र किसानों, उद्योगों और आत्मनिर्भर भारत के लिए नए आर्थिक अवसर लेकर आएगा।

कार्यक्रम में नीति निर्माताओं, रक्षा प्रतिनिधियों, सरकारी अधिकारियों, उद्योग जगत के विशेषज्ञों और शोध संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया तथा भारत में सतत और जैव-आधारित अर्थव्यवस्था के भविष्य पर विचार-विमर्श किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *