TIL Desk बलिया :
“बिना मांगे कैसी क्षमा?”प्रयागराज की घटना पर बोले शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद,सनातन को रौंदा गया, मैं चुप नहीं रहूँगा”। बटुकों की पिटाई पर शंकराचार्य का तीखा बयान”सन्यासी होने के नाते मैं क्षमाशील हूँ, लेकिन धर्म के अपमान पर समझौता नहीं!”
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का बड़ा बयान- “अपराधी को गलती का एहसास ही नहीं, तो माफी का सवाल कैसा?” प्रयागराज में हुई हालिया घटना को लेकर धर्म जगत में आक्रोश कम होने का नाम नहीं ले रहा है।
ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने अब इस पूरे विवाद पर एक बेहद कड़ा और भावुक बयान दिया है। शंकराचार्य ने स्पष्ट कर दिया है कि क्षमा दान मांगने पर दी जाती है, न कि बिना पछतावे के।
शंकराचार्य ने कहा कि व्यक्तिगत तौर पर एक सन्यासी होने के नाते उनके मन में किसी के प्रति द्वेष नहीं है, लेकिन जिस तरह उनकी आँखों के सामने बटुकों और सन्यासियों के साथ मारपीट की गई। और सनातन परंपरा को रौंदा गया, उसे वो भूल नहीं सकते। बलिया पहुँचे महर्षि भृगु की शरण में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद; सीएम योगी को लेकर दिया बड़ा बयान।
