TIL Desk नई दिल्ली:👉देश में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पांच पाकिस्तानी नागरिकों की गिरफ्तारी और 526 किलोग्राम मादक पदार्थ जब्त किए जाने की जानकारी दी है। इस कार्रवाई को नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों की महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
गृह मंत्री अमित शाह ने इस कार्रवाई का जिक्र करते हुए मादक पदार्थों की तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए सुरक्षा एजेंसियों के प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस अभियान के दौरान पांच पाकिस्तानी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है और बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ बरामद किए गए हैं। जब्त किए गए मादक पदार्थों का कुल वजन 526 किलोग्राम बताया गया है।
देश में नशीले पदार्थों की तस्करी लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती बनी हुई है। इस तरह की तस्करी का नेटवर्क कई बार अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से जुड़ा होता है। ऐसे में सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने और तस्करी से जुड़े नेटवर्क की पहचान करने के लिए विभिन्न एजेंसियां लगातार अभियान चलाती हैं।
अरब सागर में संयुक्त अभियान, 3,000 करोड़ रुपये से अधिक की ड्रग्स जब्त:
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस कार्रवाई को नशे के खिलाफ अभियान में महत्वपूर्ण सफलता बताया। उनके मुताबिक, केंद्र सरकार देश के युवाओं को नशे के खतरे से बचाने और मादक पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाने के लिए प्रतिबद्ध है।
भारतीय तटरक्षक बल और गुजरात एटीएस ने खुफिया जानकारी के आधार पर 25 सितंबर को अरब सागर में संयुक्त अभियान शुरू किया था। इस दौरान समुद्र और हवा से संदिग्ध नौका की निगरानी की गई। इसके बाद सुरक्षा बलों ने उसका पीछा कर लक्षद्वीप के पश्चिम में उसे रोक लिया। तलाशी के दौरान नौका से 526 किलोग्राम मादक पदार्थ बरामद हुए। इनमें उच्च गुणवत्ता वाली हेरोइन और मेथामफेटामाइन शामिल हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में जब्त किए गए मादक पदार्थों की कीमत 3,000 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है। इस कार्रवाई के दौरान ईरानी नौका पर सवार पांच पाकिस्तानी नागरिकों को भी हिरासत में लिया गया। अधिकारियों के अनुसार, संदिग्ध नौका, उसके चालक दल और जब्त किए गए मादक पदार्थों को कड़ी सुरक्षा के बीच मुंबई लाया गया है। वहां विभिन्न एजेंसियां आरोपियों से पूछताछ कर रही हैं।
अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क की जांच जारी:
इस मामले में गुजरात एटीएस और अन्य संबंधित एजेंसियां तस्करी के पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी हैं। जांच का उद्देश्य मादक पदार्थों की खेप के स्रोत, इसके संभावित गंतव्य और तस्करी में शामिल अन्य लोगों की पहचान करना है। हालांकि, इस नेटवर्क से जुड़े सभी पहलुओं की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
भारतीय तटरक्षक बल की इस कार्रवाई में समुद्री निगरानी और खुफिया सूचनाओं के आधार पर संयुक्त अभियान चलाया गया। अधिकारियों के मुताबिक, इस तरह की कार्रवाई का उद्देश्य समुद्री रास्तों से होने वाली अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाना और देश के समुद्री क्षेत्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
इस कार्रवाई के बाद अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ समुद्री मार्गों पर निगरानी का महत्व एक बार फिर सामने आया है। फिलहाल, गिरफ्तार किए गए पांचों नागरिकों से पूछताछ और मामले की कानूनी प्रक्रिया जारी है।














