TIL Desk नई दिल्ली:👉 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की तकनीकी और कूटनीतिक प्रगति को रेखांकित करते हुए कहा है कि अब मोबाइल फोन केवल बातचीत का जरिया नहीं, बल्कि सुशासन (Good Governance) का एक बड़ा माध्यम बन चुका है | नई दिल्ली के यशोभूमि में आयोजित 10वें इंडिया मोबाइल कांग्रेस (IMC 2026) का उद्घाटन करते हुए प्रधानमंत्री ने देश के डिजिटल बुनियादी ढांचे की तारीफ की | उन्होंने घोषणा की कि भारत में अब 5.5 लाख से अधिक 5G बेस स्टेशन सक्रिय हो चुके हैं, जो देश के हर जिले तक पहुंच चुके हैं |
10 गुना बढ़ गई इंटरनेट स्पीड:-
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में देश के दूरसंचार क्षेत्र में हुए अभूतपूर्व बदलावों का जिक्र किया. उन्होंने बताया कि साल 2022 में भारत में 5G रोलआउट की शुरुआत हुई थी, जो अब '5G रीच-आउट' के रूप में देश के कोने-कोने तक पहुंच चुका है | इस तेज विस्तार की बदौलत देश में मोबाइल इंटरनेट की रफ्तार में 2022 के मुकाबले लगभग 10 गुना की बढ़ोतरी दर्ज की गई है | पीएम मोदी के अनुसार, इस डिजिटल ताकत ने भारत को दुनिया के सबसे तेज कनेक्टिविटी वाले देशों की कतार में ला खड़ा किया है |
सुशासन और सरकारी सेवाओं का डिजिटल चेहरा:-
पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि पिछले एक दशक में मोबाइल कनेक्टिविटी ने नागरिकों के जीवन को बेहद आसान बनाया है | अब सैकड़ों सरकारी सेवाएं सीधे मोबाइल फोन के जरिए लोगों की उंगलियों पर उपलब्ध हैं | इसके कारण आम नागरिकों को दफ्तरों के चक्कर काटने, लंबी कतारों में इंतजार करने और अतिरिक्त खर्च उठाने से बड़ी राहत मिली है | 'डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर' (DBT) जैसी योजनाओं के तहत पारदर्शिता बढ़ी है और बिचौलियों का दौर पूरी तरह खत्म हो गया है |
सस्ता डेटा और आत्मनिर्भर भारत:-
प्रधानमंत्री ने देश के इस तकनीकी बदलाव के पीछे तीन प्रमुख स्तंभों को जिम्मेदार ठहराया—किफायती इंटरनेट डेटा, घरेलू स्तर पर मोबाइल फोन का बड़े पैमाने पर निर्माण और मजबूत दूरसंचार बुनियादी ढांचा | भारत ने डिजिटल डिवाइड को कम करते हुए समाज के हर तबके तक तकनीक की पहुंच को सुनिश्चित किया है. इस वर्ष की इंडिया मोबाइल कांग्रेस की थीम "सीमाओं के बिना विस्तार" (Expansion Without Boundaries) भी तकनीकी क्षेत्र में भारत के इसी वैश्विक और आत्मनिर्भर दृष्टिकोण को दर्शाती है |













