TIL Desk नई दिल्ली::👉 देश भर के करोड़ों बैंकिंग उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है। आज से शुरू होने वाली तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल को आधिकारिक तौर पर स्थगित कर दिया गया है। सोमवार सुबह सभी सरकारी और निजी बैंकों के कपाट हमेशा की तरह खुले और जमा, निकासी व अन्य वित्तीय सेवाएं पूरी तरह सामान्य रूप से संचालित हो रही हैं।
यह समझौता रविवार देर रात इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) और नौ प्रमुख बैंक यूनियनों के प्रतिनिधित्व वाले संगठन यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के बीच हुई एक आपातकालीन बैठक में हुआ। रात करीब 9:30 बजे समाप्त हुई इस उच्चस्तरीय बैठक में सकारात्मक सहमति बनने के बाद यूनियनों ने हड़ताल वापस लेने का फैसला किया, जिससे देश की वित्तीय व्यवस्था ठप होने से बच गई।
इस विवाद का मुख्य कारण लंबे समय से चली आ रही 5-दिवसीय बैंकिंग (5-Day Banking) की मांग है। वर्तमान में बैंकों में दूसरे और चौथे शनिवार को अवकाश रहता है, जबकि कर्मचारी सभी शनिवार को छुट्टी घोषित करने की मांग कर रहे हैं। कर्मचारी संगठनों के अनुसार, प्रबंधन और सरकार द्वारा इस मांग को लागू करने के लिए एक उच्चस्तरीय समिति बनाने और इस पर तेजी से काम करने के आश्वासन के बाद हड़ताल टाली गई है।
इस हड़ताल का टलना इसलिए भी बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि सितंबर का आखिरी हफ्ता बैंकों की अर्धवार्षिक क्लोजिंग (Half-Yearly Closing) का समय होता है। अगर तीन दिनों तक बैंक बंद रहते, तो चेक क्लीयरेंस रुक जाता, वेतन मिलने में देरी होती और एटीएम (ATM) में कैश की किल्लत हो सकती थी। हालांकि यूपीआई (UPI) और नेट बैंकिंग जैसी डिजिटल सेवाएं चालू रहतीं, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों और बड़े व्यापारिक लेन-देन पर इसका बहुत बुरा असर पड़ता।
फिलहाल, सभी बैंकों के कैश काउंटर और प्रशासनिक कार्यालय पूरी तरह काम कर रहे हैं। बैंक यूनियनों ने स्पष्ट किया है कि हड़ताल सिर्फ स्थगित हुई है, रद्द नहीं। यदि तय समय सीमा के भीतर समिति ने पांच दिनों के कार्य सप्ताह पर ठोस कदम नहीं उठाए, तो कर्मचारी दोबारा आंदोलन का रास्ता चुन सकते हैं। बहरहाल, इस कामकाजी हफ्ते में कारोबारियों और आम जनता ने राहत की सांस ली है।













