TIL Desk रोम:👉 इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की सरकार ने स्कूलों में बुर्का और नकाब को लेकर बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने 24 सितंबर को शिक्षा से जुड़े एक नए डिक्री को मंजूरी दी, जिसमें स्कूलों में चेहरे को पूरी तरह ढकने वाले परिधानों पर प्रतिबंध का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही कक्षाओं में उन छात्रों की संख्या सीमित करने का फैसला भी किया गया है, जिन्हें इतालवी भाषा का पर्याप्त ज्ञान नहीं है।
नए नियमों के तहत स्कूल में बुर्का या नकाब पहनकर आने पर आर्थिक दंड का प्रावधान रखा गया है। रिपोर्ट के अनुसार, नियम तोड़ने पर 200 से 1,000 यूरो तक जुर्माना लगाया जा सकता है। यदि चेहरा ढकने वाला छात्र नाबालिग है, तो जुर्माने की जिम्मेदारी उसके अभिभावकों पर डाली जा सकती है।
सरकार ने इस फैसले को स्कूलों में बेहतर एकीकरण और समान शैक्षणिक अवसर सुनिश्चित करने से जोड़ा है। डिक्री में उन कक्षाओं के लिए भी प्रावधान है जहां छात्रों को इतालवी भाषा समझने में पर्याप्त कठिनाई होती है। पहली कक्षाओं में ऐसे छात्रों की संख्या 30 प्रतिशत तक सीमित रखने की व्यवस्था की गई है। साथ ही भाषा सीखने के लिए अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराने की बात कही गई है।
इस पैकेज का एक अन्य महत्वपूर्ण हिस्सा विदेशी छात्रों के उन अभिभावकों से जुड़ा है, जिनके बच्चों को स्कूल व्यवस्था में एकीकरण और भाषा से गंभीर परेशानी हो रही है। ऐसे मामलों में अभिभावकों को इतालवी भाषा की मुफ्त कक्षाओं में शामिल होना पड़ सकता है। कक्षाओं में शामिल नहीं होने पर 200 से 1,000 यूरो तक जुर्माने का प्रावधान बताया गया है।
मेलोनी सरकार का कहना है कि इन उपायों का उद्देश्य अलग-अलग समूहों में बंटाव रोकना और स्कूलों में प्रभावी एकीकरण को बढ़ावा देना है। हालांकि, फैसले को लेकर इटली में राजनीतिक और सामाजिक बहस भी तेज हो गई है। विपक्ष और कुछ अन्य समूहों ने इन प्रावधानों पर सवाल उठाए हैं।













