TIL Desk नई दिल्ली:👉 भारत के प्रधान न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हो रहे विरोध-प्रदर्शनों और इस दौरान लगाई गई सख्त सुरक्षा पाबंदियों पर टिप्पणी करने से साफ इनकार कर दिया है। द हिंदू बिजनेस लाइन के मुताबिक, सीजेआई ने इस विषय को अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर बताते हुए स्पष्ट रूप से कहा— "ये मेरा मुद्दा नहीं है " यह टिप्पणी उन्होंने विज्ञान भवन में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के 33वें स्थापना दिवस समारोह के इतर पत्रकारों से बातचीत के दौरान की। द प्रिंट के अनुसार, जब संवाददाताओं ने उनसे दिल्ली में पिछले कुछ दिनों से जारी उथल-पुथल और आम जनता को हो रही दिक्कतों पर सवाल पूछा, तो उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह से कानून-व्यवस्था से जुड़ा प्रशासनिक विषय है।

किले में तब्दील हुई दिल्ली और सुप्रीम कोर्ट की विशेष सुनवाई
गौरतलब है कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और विपक्ष के अन्य गुटों के प्रदर्शन के चलते बीते सप्ताहांत दिल्ली पूरी तरह छावनी में बदल गई थी। सुरक्षा के मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने केंद्रीय दिल्ली जिला क्षेत्र में धारा 163 (बीएनएसएस) लागू कर दी थी और 45 मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश व निकास द्वारों को बंद कर दिया था। इसके अलावा शहर की सीमाओं पर सघन चेकिंग अभियान चलाया गया और पूर्व मुख्यमंत्रियों व सीजेपी के प्रमुख नेताओं सहित हजारों प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।

इस 'दिल्ली बंद' जैसी स्थिति और आम नागरिकों के परिवहन अधिकारों के हनन को लेकर सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार,  के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट में केंद्रीय गृह सचिव के खिलाफ अवमानना याचिका भी दायर की गई है। इस पर रविवार (11 अक्टूबर) को सर्वोच्च अदालत की एक विशेष पीठ ने आपातकालीन सुनवाई की थी।

स्पेशल बेंच ने साफ शब्दों में कहा था कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को अवैध रूप से बंधक नहीं बनाया जा सकता। इसके साथ ही कोर्ट ने दिल्ली पुलिस, रेलवे और मेट्रो प्रशासन से आम जनता की सहूलियत बहाल करने को कहा था और मंगलवार तक इस संबंध में अनुपालन रिपोर्ट तलब की है। हालांकि, व्यक्तिगत या राजनीतिक तौर पर इस उथल-पुथल पर सीधे हस्तक्षेप से इनकार करते हुए सीजेआई सूर्यकांत ने कानूनी प्रक्रियाओं के जरिए ही मामलों को निपटाने का संकेत दिया है और कांग्रेस के नेतृत्व वाले 'इंडिया' (INDIA) ब्लॉक के नेताओं को भी औपचारिक रूप से कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की सलाह दी है।