पटियाला.
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंता मान ने सोमवार पटियाला में आयोजित कार्यक्रम में पहुंच परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड मामले को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि प्रदेश सरकार ने सामाजिक कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा के परिवार की सभी जायज मांगों को स्वीकार कर लिया है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने अपनी जिम्मेदारी पूरी निष्ठा से निभाई है और अब पार्थिव शरीर का पोस्टमार्टम करवाना पूरी तरह से पीड़ित परिवार की इच्छा पर निर्भर करता है। पटियाला में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने इस संवेदनशील मुद्दे पर सरकार का रुख साफ किया।
पोस्टमार्टम कराने से परिवार का इनकार
नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा के परिवार ने बृहस्पतिवार को कहा था कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक वे शव का पोस्टमार्टम नहीं होने देंगे। झोटा की पिछले हफ्ते पंजाब के मानसा में दवा की एक दुकान के अंदर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। झोटा हत्याकांड में न्याय की लड़ाई लड़ रही संयुक्त कार्रवाई समिति के साथ बैठक के बाद परिवार ने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक वे शव का पोस्टमार्टम नहीं होने देंगे।
परिवार ने झोटा की हत्या की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की मांग की थी। केंद्रीय एजेंसी ने मामले की जांच अपने हाथ में ली है। इसके अलावा, परिवार ने झोटा के नाम पर ट्रॉमा सेंटर की स्थापना और घटना में घायल हुए लोगों के लिए मुआवजे की मांग की है। इस वारदात में चार अन्य लोग भी गोली लगने से घायल हुए थे। कार्यकर्ता की पत्नी मनप्रीत कौर ने कहा, “जब तक सरकार हमारी मांगों को स्वीकार नहीं करती, हम झोटा का पोस्टमार्टम नहीं होने देंगे।” झोटा के पिता एवं पूर्व सैनिक भीम सिंह ने बताया कि सिख पंथ ने संदेश दिया है कि सभी मांगें माने जाने के बाद ही पोस्टमार्टम की इजाजत दी जाएगी।













