TIL Desk नई दिल्ली:👉एशिया के कई देशों में कुदरत का भयंकर तांडव देखने को मिला है, जहां एक के बाद एक आए भूकंप के जोरदार झटकों से चारों तरफ दहशत फैल गई है। गुरुवार (22 अक्टूबर) की देर रात तिब्बत क्षेत्र में आए 7.0 तीव्रता के विनाशकारी भूकंप ने भीषण तबाही मचाई है, जिसमें अब तक कम से कम 16 लोगों की मौत हो चुकी है और दर्जनों लोग गंभीर रूप से घायल हैं। इस शक्तिशाली झटके के बाद शुक्रवार (23 अक्टूबर) की सुबह पड़ोसी देशों पाकिस्तान, अफगानिस्तान और चीन के कई हिस्सों में भी धरती कांप उठी।
तिब्बत में भारी नुकसान और मलबे का मंजर
नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) और स्थानीय प्रशासन के मुताबिक, तिब्बत के नागकू शहर और बाकेन काउंटी में आए इस 7 तीव्रता के भूकंप का केंद्र जमीन से करीब 10 से 15 किलोमीटर की गहराई पर था। इस भीषण आपदा के कारण तिब्बत में सैकड़ों आवासीय इमारतें ताश के पत्तों की तरह ढह गईं। प्रभावित इलाकों में बिजली और संचार व्यवस्था पूरी तरह से ठप हो गई है। स्थानीय आपदा प्रबंधन टीमों के साथ 1,600 से अधिक बचावकर्मी मलबे में दबे लोगों को निकालने और राहत पहुंचाने के काम में जुटे हैं। बेघर हुए 12,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया है।
तीन देशों में सुबह-सुबह लगे झटके
तिब्बत की इस त्रासदी के कुछ ही घंटों बाद, शुक्रवार तड़के एशिया के तीन अन्य बड़े देशों में भूकंपीय हलचल दर्ज की गई:
- पाकिस्तान: सुबह 4:56 बजे रिक्टर स्केल पर 4.9 तीव्रता का भूकंप आया, जिसका केंद्र 15 किमी गहराई में था। तेज झटकों के कारण लोग डरकर अपने घरों से बाहर निकल आए।
- अफगानिस्तान: इसके बाद सुबह 5:54 बजे अफगानिस्तान का हिंदूकुश से सटा इलाका 4.1 तीव्रता के भूकंप से हिल गया।
- चीन: सुबह 6:05 बजे चीन के मुख्य हिस्सों में भी 4.4 तीव्रता के झटके महसूस किए गए।
सीस्मोलॉजिस्ट्स का मानना है कि भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटों के जंक्शन पर हो रही हलचल के कारण पूरा क्षेत्र इस समय बेहद संवेदनशील बना हुआ है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और आफ्टरशॉक्स के प्रति सावधान रहने की अपील की है।













