TIL Desk नई दिल्ली:👉 नई दिल्ली में आयोजित इंडिया मोबाइल कांग्रेस (IMC 2026) के 10वें संस्करण के दौरान देश के डिजिटल और टेलीकॉम परिदृश्य को लेकर बड़े नीतिगत बदलावों और भविष्य की रूपरेखा पर चर्चा हुई। इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम में रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड के चेयरमैन आकाश अंबानी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी की दूरगामी सोच और डिजिटल नीतियों ने भारत के आईटी व टेलीकॉम उद्योग को एक नई दिशा दी है, जिससे देश आज वैश्विक स्तर पर तकनीक का नेतृत्व करने की ओर बढ़ रहा है।

तकनीक का उपभोक्ता नहीं, निर्माता बने भारत

आकाश अंबानी ने इंडिया मोबाइल कांग्रेस (IMC) के इतर मीडिया से बात करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री का सबसे बड़ा संदेश यह है कि भारत को केवल विदेशी तकनीकों का उपभोक्ता (Consumer) बनकर नहीं रहना चाहिए, बल्कि खुद तकनीक का निर्माता (Creator) बनना होगा। उन्होंने साझा किया कि रिलायंस जियो पिछले 10 वर्षों से इसी राह पर चल रही है। जियो ने स्वदेशी रूप से एंड-टू-एंड 4G और 5G टेक्नोलॉजी स्टैक विकसित किया है और कंपनी कई पेटेंट भी फाइल कर चुकी है।

जियो का बड़ा कदम: 'सॉवरेन सैटेलाइट कनेक्टिविटी'

पीएम मोदी के आत्मनिर्भर भारत अभियान से प्रेरित होकर, जियो ने कार्यक्रम में अपनी 'सॉवरेन सैटेलाइट कनेक्टिविटी' योजना का प्रदर्शन किया। इसके तहत कंपनी लगभग 1,600 लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) उपग्रहों का एक समूह और पूरे देश में 23 ग्राउंड स्टेशन स्थापित करने पर काम कर रही है। इस अनूठी पहल का उद्देश्य उन दुर्गम ग्रामीण और पहाड़ी क्षेत्रों तक हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचाना है, जहां जमीन आधारित पारंपरिक केबल नेटवर्क बिछाना बेहद मुश्किल है। खास बात यह है कि इस पूरी मूल्य श्रृंखला (डिजाइनिंग, इंजीनियरिंग से लेकर लॉन्च और ऑपरेशन्स तक) को भारत के भीतर ही रखा जाएगा।

मोबाइल कनेक्टिविटी अब 'सुशासन का साधन'

इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कार्यक्रम का भव्य उद्घाटन किया और भारतीय टेलीकॉम क्षेत्र की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मोबाइल और इंटरनेट अब सिर्फ बातचीत या मनोरंजन का जरिया नहीं रहे, बल्कि सुशासन (Good Governance) का एक सशक्त माध्यम बन चुके हैं, जिससे बैंकिंग और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाएं सीधे नागरिकों की जेब तक पहुंच गई हैं। पीएम ने जानकारी दी कि भारत के हर जिले में 5G नेटवर्क पहुंच चुका है और मोबाइल इंटरनेट की गति वर्ष 2022 की तुलना में 10 गुना अधिक हो गई है।

इस सम्मेलन में केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ-साथ दुनिया भर के टेक दिग्गजों ने हिस्सा लिया, जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), साइबर सुरक्षा और भविष्य की 6G तकनीकों पर गहन मंथन किया गया।