TIL Desk मुंबई:
ईद उल फितर खुशियां मनाने, शुक्रगुज़ार होने और अपनेपन का त्यौहार है। इस खूबसूरत मौके पर ज़ी टीवी के कलाकारों ने बताया कि उनके लिए यह त्यौहार इतना खास क्यों है और वे इस खुशी के दिन को कैसे मनाते हैं।
‘जगद्धात्री’ में शिवाय का किरदार निभा रहे फरमान हैदर कहते हैं, “रमज़ान अनुशासन, शुक्रिया और खुद को समझने का महीना है। जो लोग रोज़ा नहीं रखते, वे भी इफ्तार के समय साथ बैठते हैं या इंतजार करते हैं। एक खूबसूरत सा अपनापन महसूस होता है। उन कुछ मिनटों के लिए काम रुक जाता है और इंसानियत डेडलाइन से ज्यादा अहम लगती है। ऐसा लगता है जैसे परिवार हो।”
‘गंगा माई की बेटियां’ में सिद्धू का किरदार निभा रहे शीज़ान खान कहते हैं, “ईद हमेशा से मेरे लिए ऐसा त्यौहार रहा है जो परिवार, साथ होने और शुक्रिया की अहमियत याद दिलाता है। मैं इन दिनों ‘गंगा माई की बेटियां’ की शूटिंग कर रहा हूं, इसलिए अपने परिवार से दूर हूं और सच कहूं तो इसी समय उनकी सबसे ज्यादा याद आती है। घर पर ईद का माहौल हमेशा बहुत प्यारा होता है। मुझे ईद की जो बात सबसे ज्यादा पसंद है, वह है इसका प्यार और एकता का भाव। यह ऐसा समय होता है जब हम रुककर सोचते हैं, शुक्रगुज़ार होते हैं और अपने आसपास के लोगों के साथ खुशियां बांटते हैं।”
‘तुम से तुम तक’ में झेंडे का किरदार निभा रहे नासिर खान कहते हैं, “ईद हमेशा से मेरे लिए साल के सबसे खास समयों में से एक रही है। यह एक खूबसूरत मौका होता है जो सभी को प्यार, शुक्रिया और सकारात्मकता के साथ जोड़ देता है। इस साल यह और भी खास है क्योंकि मेरी ‘तुम से तुम तक’ वाली फैमिली भी सेट पर साथ मिलकर जश्न मनाती है। मैं सभी को ईद मुबारक कहना चाहता हूं और दुआ करता हूं कि यह खूबसूरत त्यौहार सबके जीवन में प्यार, शांति, खुशी और तरक्की लेकर आए।”
‘जाने अनजाने हम मिले’ में रीत का किरदार निभा रहीं आयुषी खुराना कहती हैं, “ईद हमेशा से ऐसा त्यौहार रहा है जो लोगों को खूबसूरती से एक साथ जोड़ देता है और यही बात मुझे इसमें सबसे ज्यादा पसंद है। मेरे लिए ईद जैसे त्यौहार साथ होने, अपनापन और आसपास के लोगों के साथ खुशियां बांटने के बारे में होते हैं। हर साल इस खुशी को महसूस करने के लिए मैं खुद को बहुत खुशकिस्मत मानती हूं और सभी को दिल से खुशहाल और मुबारक ईद की शुभकामनाएं देती हूं।”














