मोहाली
 संयुक्त किसान मोर्चे की ओर से अपनी मांगों को लेकर 1 से 7 सितंबर तक मोहाली-चंडीगढ़ बार्डर पर मोहाली से चंडीगढ़ जाने वाली मुख्य सड़क की एक साइड मोर्चा लगाने का आज 6वां दिन है। इन 6 दिनों के दौरान सरकार की ओर से किसान नेताओं से किसी प्रकार की बातचीत नहीं की गई है जिससे किसान नेता गुस्से में।

सरकार और किसान नेताओं के बीच तालमेल बैठाने के लिए चंडीगढ़ की एसएसपी और रोपड़ रेंज के डीआईजी नानक सिंह की ओर से मीटिंग की गई थी। जिसके बाद प्रशासन ने शुक्रवार को एक दिन का समय मांगा था।

किसानों की ओर से अमेरिका के साथ ट्रेड डील न करने, पानी के मुद्दे को लेकर सेक्शन 78,79,80 रद्द करने, किसानों का पूरा कर्ज माफ करने, फसलों का दाम स्वामीनाथन रिपोर्ट के हिसाब से तय करने, बिजली बिल 2025 और बीज बिल 25 वापस लेने, गन्ने का दाम 500 रुपये प्रति क्विंटल करने, लैंड पुलिंग स्कीम रद्द करने सहित कई अन्य मांगों को लेकर मोहाली में पक्का मोर्चा लगाया गया है।

रविवार 2 बजे तक करेंगे प्रशासन के जवाब का इंतजार
पक्के मोर्चे से रोजाना स्टेज पर किसान नेता अपनी बातों को किसानों के सामने रख रहे है। सुबह 11 से 2 बजे तक स्टेज पर किसान नेता अपनी बात रखने के बाद रोजाना शाम को अपनी मीटिंग कर रहे है और अगली रणनीति तैयार कर रहे है।

रविवार को दोपहर 2 बजे तक किसान नेता प्रशासन के जवाब का इंतजार कर रहे है अगर इस दौरान कोई संदेशा प्रशासन की ओर से नहीं आया तो किसान नेता शाम 5 बजे अपनी मीटिंग करने के बाद अगले संघर्ष का ऐलान कर देंगे।

किसान नेताओं की ओर से 7 सितंबर तक मोर्चा लगाने की बात कही गई थी लेकिन आज कोई बात नहीं बनी तो हो सकता है किसान इस मोर्चे को और आगे बढ़ा सकते है। वैसे किसान नेताओं की बातों से लगता है कि वे इस मोर्चे से अपनी मांगों को मनवाने के बाद ही यहां से वापसी करेंगे।

किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा कि माहिरों की एक रिपोर्ट के अनुसार पंजाब से 2039 में पानी खत्म हो जाएगा ऐसे में लोगों के सामने विकट स्थिति बन जाएगी। इस विकट स्थिति बनने से पहले पंजाब के लोग सरकारों से अपनी मांगों को मांग रहे है।

उन्होंने कहा कि पानी के मुद्दे को सुलझाने के लिए पिछले काफी समय से सरकारों को मांग पत्र दिए जा रहे है और अपना विरोध जताया जा रहा है लेकिन सरकारों को पंजाब के किसानों की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रशासन की ओर से एक दिन का समय मांगा गया था अब रविवार को प्रशासन जैसी जानकारी देगा उसके बाद वैसा संघर्ष का ऐलान किया जाएगा।
भारी बारिश के बाद भी किसान मोर्चे पर डटे हुए

पिछले दिनों हुई बारिश के बाद किसानों पूरी तरह से मोर्चे पर डटे हुए है। शनिवार शाम को बारिश में भीगने के बाद भी एयरपोर्ट रोड के चौकों पर हाथों में झंडे लेकर अपनी बात लोगों के सामने रखी। किसानों का कहना है कि सरकारों को अपनी मांगें मनवाने के लिए मोर्चे में बैठे हुए है।