TIL Desk Sports::👉 भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने मैच के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में श्रेयस अय्यर से पहले शिवम दुबे को बल्लेबाजी के लिए भेजने के अपने फैसले का कड़ा बचाव किया है। मैच के महत्वपूर्ण मोड़ पर लिए गए इस फैसले की काफी आलोचना हो रही थी, लेकिन गंभीर ने साफ कर दिया कि यह रणनीति टीम की जरूरतों और मैच की परिस्थितियों को देखकर तैयार की गई थी।

गंभीर ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "टी-20 क्रिकेट और आधुनिक खेल में आपको लचीला (flexible) होना पड़ता है। हम उस समय एक बाएं हाथ के बल्लेबाज (Left-hander) को क्रीज पर चाहते थे ताकि विरोधी टीम के स्पिनरों की लय को तोड़ा जा सके। शिवम दुबे के पास स्पिन और पेस दोनों के खिलाफ बड़े शॉट खेलने की बेहतरीन क्षमता है। श्रेयस अय्यर एक बेहतरीन खिलाड़ी हैं और टीम में उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है, लेकिन कभी-कभी रणनीतिक कारणों से हमें ऐसे फैसले लेने पड़ते हैं।"

कोच ने यह भी साफ किया कि हार या जीत से उनकी रणनीति पर फर्क नहीं पड़ेगा। टीम इंडिया आक्रामक क्रिकेट खेलने के अपने विजन पर अडिग रहेगी। गंभीर का मानना है कि खिलाड़ियों को अलग-अलग परिस्थितियों में खुद को साबित करने के मौके मिलने चाहिए, और दुबे को ऊपर प्रमोट करना उसी आक्रामक मानसिकता का हिस्सा था।

फैंस और विश्लेषकों के बीच इस बात को लेकर बहस छिड़ गई थी कि क्या अय्यर जैसे स्थापित बल्लेबाज को नीचे भेजना सही था। हालांकि, गंभीर के इस बयान ने अब साफ कर दिया है कि नए युग की भारतीय टीम रूढ़िवादी क्रिकेट से आगे बढ़कर मैच की स्थिति के हिसाब से फैसले लेने से पीछे नहीं हटेगी।