पंचकूला.
शारदीय नवरात्रों पर घर से लेकर बाजारों तक रौनक और सभी जगहों पर चहल-पहल देखी जा रही है. इसके साथ ही लोगों को अब, 20 अक्टूबर विजयादशमी (दशहरा) के पर्व का इंतजार है. दशहरे पर इस बार सबसे अधिक आकर्षण का केंद्र हरियाणा का जिला पंचकूला और राजधानी दिल्ली का द्वारका क्षेत्र होगा, क्योंकि दोनों जगहों पर देश के सबसे अधिक ऊंचाई वाले 221 फीट के रावण के पुतलों का दहन किया जाएगा.
दिल्ली और पंचकूला में देश के बड़े रावण के पुतले: इन दोनों पुतलों को अंबाला के बराड़ा के रहने वाले तेजिंदर सिंह चौहान ने अपनी टीम के साथ मिलकर बनाया है. ईटीवी भारत ने उनसे बातचीत कर इन पुतलों की विशेषताओं के बारे में जाना. आप भी जानें कि उन्होंने इन पुतलों को कितने समय में और कैसे तैयार किया है. 34 लाख पुतला, 50 फीट की तलवार: तेजिंदर सिंह चौहान ने बताया कि उन्होंने अपनी टीम के साथ मिलकर हरियाणा के जिला पंचकूला के सेक्टर-5 स्थित शालीमार ग्राउंड में 221 फीट के रावण का आकर्षक पुतला तैयार किया है. बताया कि इस पुतले को बनाने में साढे तीन महीने का समय लगा है और करीब 34 लाख रुपये खर्च आया है. तेजिंदर सिंह चौहान ने अपनी टीम के करीब 100 वालंटियर के साथ शनिवार की देर शाम पंचकूला के शालीमार ग्राउंड में विश्व के इस सबसे अधिक ऊंचाई वाले रावण के पुतले को खड़ा किया. पुतले को पूरी सावधानी से खड़ा करने के लिए दो क्रेन और एक जेसीबी की मदद ली गई. साथ ही इसे जमीन में मजबूती के साथ खड़ा करने के मकसद से दो गहरे गड्ढे किए गए.
हरियाणा में फूंकेगा 221 फीट का रावण, 34 लाख रुपये खर्च
12 टन का रावण और चार हजार मीटर कपड़ा: तेजिंदर सिंह चौहान ने इस रावण के पुतले का वजन करीब 10-12 टन बताया. उन्होंने बताया कि रावण के जूते 40 फीट लंबे और 7 फीट ऊंचे हैं. रावण की तलवार 50 फीट ऊंची है, जबकि रावण का चेहरा (ठोडी से माथे तक) 25 फीट है. इसके अलावा मुकुट को चार भागों में तैयार किया गया है, जिसकी ऊंचाई 30 फीट है, लेकिन मुकुट के पीछे लगी रोप के साथ इसकी ऊंचाई 55 फीट है. गौर करने वाली बात ही है कि पुतले में 7 टन लोहे का इस्तेमाल किया गया है और इसके बीच में 700 बांस भी लगाए गए हैं. रावण के पुतले की पूरी पोशाक वेलवेट के लगभर चार हजार मीटर कपड़े से तैयार की गई है. उन्होंने बताया कि पुतले पर हुआ पूरा खर्च रामलीला आयोजक कमेटी और श्री माता मनसा देवी चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा वहन किया गया है.
6 बार गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम
अंबाला के बराड़ा के रहने वाले और रावण के सबसे अधिक ऊंचाई के पुतले बनाने में महारत हासिल कर चुके तेजिंदर सिंह चौहान का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में छह बार दर्ज हो चुका है. ईटीवी भारत से बातचीत में तेजिंदर ने बताया कि उन्होंने सबसे पहले साल 1985 में 200 फीट का रावण का पुतला बनाया था. उसके बाद से रावण के पुतले बनाने का सिलसिला शुरू हुआ, जो आज 221 फीट तक पहुंच चुका है. उन्होंने बताया कि रावण के इस पुतले को साल 2026 का विश्व का सबसे अधिक ऊंचाई वाला पुतला कहा जा सकता है. बताया कि हरियाणा के जिला पंचकूला के सेक्टर 5 और दिल्ली के द्वारका के सेक्टर 10 में, दोनों जगहों पर रावण का एकसमान 221 फीट ऊंचाई का पुतला खड़ा किया गया है.
12 टन के करीब है रावण के पुतले का वजन
ऊंचाई से पहले सुरक्षा को प्राथमिकता: तेजिंदर सिंह चौहान ने बताया कि वह साल 2025 में राजस्थान के कोटा में विश्व का सबसे अधिक ऊंचाई वाला 233 फीट के रावण का पुतला बना चुके हैं. लेकिन साल 2026 के सबसे अधिक ऊंचाई वाले 221 फीट के पुतले पंचकूला और दिल्ली में बनाए गये हैं. उन्होंने बताया कि वह इससे भी अधिक ऊंचाई वाला पुतला बना सकते थे लेकिन सुरक्षा का ध्यान सबसे पहले रखा जाता है. क्योंकि पुतले की ऊंचाई के साथ क्षेत्रफल का ध्यान रखना जरूरी हो जाता है, ताकि पुतले के जलने पर जब वह नीचे गिरे तो किसी को कोई नुकसान न पहुंचे. पंचकूला शालीमार ग्राउंड के क्षेत्रफल के अनुसार अधिकतम ऊंचाई 221 फीट का पुतला खड़ा किया गया है, ताकि लोग रावण दहन होते हुए सुरक्षित तरीके से देख सकें, क्योंकि लोगों के लिए यह आयोजन किया जा रहा है.
देहरादून में 181 फीट का पुतला
तेजिंदर सिंह चौहान ने बताया कि हरियाणा के जिला पंचकूला के सेक्टर 5 और दिल्ली के द्वारका के सेक्टर 10 में 221 फीट के एकसमान पुतले खड़े किए हैं. जबकि उन्होंने तीसरा 181 फीट की ऊंचाई वाला रावण का पुतला देहरादून में खड़ा किया है. यह तीनों पुतले इस बार सबसे अधिक ऊंचाई वाले हैं.













