जगदलपुर.
इंद्रावती नदी ने इस बार बस्तर के किसानों और ग्रामीणों के सामने दो अलग तस्वीरें पेश की हैं. बाढ़ के दौरान नदी का पानी खेतों और सड़कों तक पहुंचा तो जनजीवन प्रभावित हुआ. कई जगह रास्ते डूब गए और नदी किनारे की धान की फसल भी पानी में घिर गई.
लेकिन यही बाढ़ अपने साथ ग्रामीणों के लिए मछलियों और दूसरे जलचरों की भरपूर सौगात भी लाई. ओडिशा की ओर से आई बाढ़ के पानी के साथ टेंगना, रोहू और कतला जैसी मछलियां पहुंचीं. ग्रामीण नदी किनारे पहुंचकर मछलियां और केकड़े पकड़ रहे हैं..जरूरत भर की मछली घर रखने के बाद बाकी बाजार में बेचकर आय अर्जित की जा रही है. इससे त्योहारों के मौसम में कई ग्रामीण परिवारों को अतिरिक्त आमदनी मिल रही है.
दूसरी ओर बेलगांव क्षेत्र में इंद्रावती का पानी सड़क और रपटे के ऊपर पहुंच गया. नगरनार स्टील प्लांट और आसपास के इलाकों की आवाजाही भी प्रभावित हुई. जगदलपुर के पास पुराने पुल पर पानी चढ़ने से आवागमन रोकना पड़ा, जबकि हाई लेवल ब्रिज चालू रहा. अब नदी का जलस्तर धीरे-धीरे घट रहा है और लोगों को राहत की उम्मीद है. इंद्रावती बस्तर के लिए खतरा भी है और जीवन-यापन का बड़ा सहारा भी.









