TIL Desk गुवाहाटी:👉 रोहित शर्मा ने गुवाहाटी वनडे में वेस्टइंडीज के खिलाफ 75 गेंदों पर 101 रनों की तूफानी शतकीय पारी खेलकर भारत को एक ऐतिहासिक जीत दिलाई। इस मुकाबले में टीम इंडिया ने 406 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए जीत दर्ज की। हालांकि, इस ऐतिहासिक जीत और 'हिटमैन' के 35वें वनडे शतक से ज्यादा चर्चा उनके अनोखे और रहस्यमयी जश्न (Celebration) की हो रही है।

'हिटमैन' का रहस्यमयी जश्न: क्या था रोहित का दिलचस्प जवाब?

आमतौर पर शांत रहकर या केवल बल्ला उठाकर शतक का अभिवादन करने वाले रोहित शर्मा इस बार पिच पर बच्चों की तरह खुशी से उछलते-कूदते और हवा में मुक्के मारते नजर आए। उनके इस अलग अंदाज को देखकर हर कोई हैरान रह गया。

मैच खत्म होने के बाद जब ब्रॉडकास्टर ने रोहित से इस अनोखे और रहस्यमयी जश्न के पीछे का राज पूछा, तो उन्होंने बेहद ही दिलचस्प और व्यक्तिगत जवाब दिया। रोहित ने मुस्कुराते हुए पूरी कहानी बताने से साफ इनकार कर दिया और कहा: "मैं उस सेलिब्रेशन को पूरी तरह अपने तक ही सीमित रखना चाहता हूँ। कुछ चीजें जिंदगी में सिर्फ आपके पास रहने के लिए ही बनी होती हैं, उन्हें हर किसी के साथ साझा नहीं किया जाना चाहिए। इसलिए, यह जश्न पूरी तरह सिर्फ मेरे खुद के लिए था।"

जडेजा भी रह गए हैरान, ड्रेसिंग रूम में खुलेगा राज

रोहित शर्मा का यह नया स्टाइल सिर्फ फैंस के लिए ही नहीं, बल्कि उनके साथी खिलाड़ियों के लिए भी एक पहेली बन गया। भारतीय ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा ने भी मैदान पर रोहित के पास आकर पूछा था कि आखिर यह किस बात का जश्न था। इस पर रोहित ने मजाकिया लहजे में जडेजा से कहा कि वह इसका खुलासा मैदान पर नहीं, बल्कि ड्रेसिंग रूम में करेंगे। जडेजा चाहते थे कि रोहित पिच पर स्लाइड करें और लंबी छलांग लगाएं, लेकिन रोहित ने कहा कि 50 ओवर फील्डिंग और फिर लंबी बल्लेबाजी के बाद शरीर में इतनी ऊर्जा नहीं बची थी।

विशाल लक्ष्य का पीछा और शुभमन गिल के साथ रिकॉर्ड साझेदारी

इस मैच में वेस्टइंडीज ने भारत के सामने 406 रनों का पहाड़ जैसा लक्ष्य रखा था। भारत ने इस ऐतिहासिक टारगेट को महज 43.3 ओवरों में सिर्फ 2 विकेट खोकर हासिल कर लिया। रोहित शर्मा (101 रन) ने कप्तान शुभमन गिल (नाबाद 223 रन) के साथ मिलकर पहले विकेट के लिए 255 रनों की रिकॉर्ड तोड़ ओपनिंग पार्टनरशिप की।

रोहित ने अपनी बल्लेबाजी और इस बड़ी जीत पर बात करते हुए कहा कि विकेट बहुत शानदार था और टीम ने स्कोरबोर्ड की तरफ देखने के बजाय गेंद की मेरिट पर खेलने और बड़ी साझेदारी बनाने पर ध्यान केंद्रित किया, जिसने भारत को इस मुकाबले में पूरी तरह से हावी कर दिया।