TIL Desk नई दिल्ली: भारतीय रक्षा विनिर्माण और निर्यात के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए अदाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस ने रक्षा और एयरोस्पेस क्षेत्र में अपने उत्कृष्ट निर्यात प्रदर्शन के लिए सोसाइटी ऑफ इंडियन डिफेंस मैन्युफैक्चरर्स (SIDM) का प्रतिष्ठित 'चैंपियन अवॉर्ड 2026' अपने नाम कर लिया है. नई दिल्ली में आयोजित एसआईडीएम के आठवें वार्षिक सत्र के दौरान केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कंपनी को इस विशेष सम्मान से नवाजा.

इस गरिमामयी पुरस्कार समारोह में रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह और महानिदेशक (अधिग्रहण) ए. अंबरासु समेत देश के कई वरिष्ठ सैन्य और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे. यह पुरस्कार अंतरराष्ट्रीय बाजारों में रक्षा और कानून प्रवर्तन ग्राहकों की जरूरतों को पूरा करने और देश के रक्षा निर्यात को वैश्विक पटल पर नई ऊंचाइयों तक ले जाने में अदाणी डिफेंस के अभूतपूर्व योगदान को रेखांकित करता है.

कानपुर इकाई का रहा अहम योगदान
अदाणी डिफेंस की इस बड़ी सफलता के पीछे उत्तर प्रदेश के कानपुर में स्थित एम्युनिशन कॉम्प्लेक्स (आयुध निर्माण इकाई) की प्रमुख भूमिका रही है. इस अत्याधुनिक परिसर में हर साल छोटे कैलिबर के लगभग 30 करोड़ राउंड गोला-बारूद का उत्पादन किया जाता है, जो पूरी तरह से नाटो (NATO) मानकों के अनुरूप है. इस फैक्ट्री की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहाँ कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित ऑटोमेटेड विनिर्माण और डिजिटल सुरक्षा प्रणालियों का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे किसी भी खतरनाक सामग्री को इंसानों द्वारा हाथ से छूने की जरूरत नहीं पड़ती.

रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा भारत का रक्षा निर्यात
यह सम्मान ऐसे समय में आया है जब भारत का कुल रक्षा निर्यात वित्त वर्ष 2025-26 में शानदार 62.66 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ रिकॉर्ड 38,424 करोड़ रुपये के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गया है. भारत सरकार ने घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए साल 2029 तक सालाना रक्षा निर्यात को 50,000 करोड़ रुपये तक पहुंचाने का एक बड़ा लक्ष्य तय किया है, जिसमें अदाणी डिफेंस जैसी निजी कंपनियां मुख्य स्तंभ बनकर उभर रही हैं.