TIL Desk नागोया :👉जापान के नागोया में आयोजित एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला कबड्डी टीम ने अपनी बादशाहत कायम रखते हुए इतिहास रच दिया है. टोकाई सिटीजन्स जिमनैजियम में खेले गए एक बेहद रोमांचक और सांस रोक देने वाले फाइनल मुकाबले में भारत ने अपनी चिर-प्रतिद्वंद्वी ईरान को 37-34 से शिकस्त दी. इस शानदार जीत के साथ ही भारतीय महिला टीम ने टूर्नामेंट में अपने खिताब की रक्षा की और देश की झोली में तीसरा स्वर्ण पदक डाला. एशियन गेम्स के इतिहास में भारतीय महिला कबड्डी का यह चौथा गोल्ड मेडल है. 

इस हाई-वोल्टेज मुकाबले की शुरुआत से ही दोनों टीमों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली. भारतीय रेडर्स—पूजा, संजू देवी और निकिता हथवाला ने शुरुआत में ही आक्रामक खेल दिखाया और टीम को शुरुआती बढ़त दिलाई. भारतीय टीम के बेहतरीन खेल की बदौलत भारत हाफ-टाइम तक 22-16 से आगे था. 

हाफ-टाइम के बाद ईरानी टीम ने जबरदस्त पलटवार किया. ईरान ने दूसरे हाफ में 18-15 का स्कोर कर भारतीय टीम पर भारी दबाव बना दिया और मैच के आखिरी मिनटों में अंकों का अंतर सिर्फ एक पॉइंट तक समेट दिया था. एक समय ऐसा लगा कि मैच किसी भी तरफ पलट सकता है. लेकिन भारतीय डिफेंस और कप्तान पुष्पा राणा के नेतृत्व में टीम ने अपना आपा नहीं खोया. मैच के आखिरी पलों में पिंकी और पूजा की शानदार रेडिंग और एक निर्णायक टैकल की बदौलत भारत ने जीत पक्की कर ली. 

इस ऐतिहासिक जीत के बाद पूरे स्टेडियम में जश्न का माहौल छा गया। भारतीय खिलाड़ियों ने तिरंगा थामकर पूरे कोर्ट का चक्कर लगाया और 'वंदे मातरम' के नारे लगाए. भारत ने पूरे टूर्नामेंट में अपना दबदबा बनाए रखा और ग्रुप स्टेज में बांग्लादेश, ईरान और जापान को हराने के बाद सेमीफाइनल में नेपाल को 48-24 से रौंदकर फाइनल में जगह बनाई थी. यह जीत भारतीय महिला कबड्डी की वैश्विक ताकत को एक बार फिर साबित करती है.