भोपाल
मध्यप्रदेश में हरित ऊर्जा एवं ऊर्जा भंडारण के क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने तथा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 के लिए निवेश की संभावनाओं को सामने लाने के उद्देश्य से आज मध्यप्रदेश भवन, नई दिल्ली में बिरसिंहपुर 200 मेगावाट फ्लोटिंग सोलर प्लस 50 मेगावाट/100 मेगावाट घंटा बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम परियोजना पर निवेशक संपर्क एवं हितधारक परामर्श कार्यक्रम आयोजित किया गया।
अपर मुख्य सचिव नगरीय विकास एवं आवास संजय दुबे ने कार्यक्रम में मार्गदर्शन प्रदान करते हुए परियोजना तथा मध्यप्रदेश में हरित ऊर्जा एवं ऊर्जा भंडारण क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं पर अपने विचार व्यक्त किए। अपर मुख्य सचिव दुबे ने कहा कि मध्यप्रदेश नवाचारी पूल्ड फाइनेंसिंग तंत्र और शासन के सहयोग के माध्यम से शहरी अधोसंरचना के वित्तपोषण में एक नया मानक स्थापित कर रहा है। डेवलपर्स, वित्तीय संस्थानों और ऊर्जा क्षेत्र के प्रमुखों द्वारा प्रदर्शित मजबूत रुचि प्रदेश की विकास दृष्टि, संस्थागत विश्वसनीयता और सतत शहरी विकास के प्रति प्रतिबद्धता में निवेशकों के विश्वास को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि विभागों और सार्वजनिक संस्थानों के बीच समन्वित प्रयासों से ऐसे प्रोजेक्ट विकसित किए जा रहे हैं, जो पर्यावरण की दृष्टि से उत्तरदायी होने के साथ वित्तीय रूप से सुदृढ़ और निवेश के लिए तैयार हैं।
कार्यक्रम में मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड के प्रबंध संचालक मंजीत सिंह ने परियोजना के उद्देश्य एवं स्वरूप की जानकारी दी। अधीक्षण अभियंता अवनीश शुक्ला ने परियोजना का विस्तृत प्रस्तुतिकरण किया।
निवेशकों एवं अन्य हितधारकों के साथ हितधारक परामर्श एवं प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया। इसमें परियोजना से संबंधित विभिन्न विषयों पर खुली चर्चा हुई तथा निवेशकों एवं हितधारकों से सुझावों का आदान-प्रदान किया गया। कार्यक्रम का समन्वय मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी के तकनीकी अधिकारी कमलेश भटनागर और सीईओ गणवीर सिंह ने किया
कार्यक्रम में मध्यप्रदेश में नवीकरणीय ऊर्जा एवं ऊर्जा भंडारण के क्षेत्र में उपलब्ध निवेश संभावनाओं, परियोजना के विभिन्न पहलुओं तथा इसके संभावित अवसरों पर विस्तार से चर्चा की गई। यह संवाद ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 के लिए मध्यप्रदेश की निवेश संभावनाओं को निवेशकों के समक्ष प्रस्तुत करने की दिशा में महत्वपूर्ण रहा। गौतलब है की कार्यक्रम में 39 से अधिक डेवलपर फर्मों एवं प्रमुख ऊर्जा और वित्तीय संस्थानों के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।













