TIL Desk लखनऊ:👉कृषक भारती कोऑपरेटिव लिमिटेड (कृभको) उत्तर प्रदेश के किसानों को हर साल रबी फसलों की बुवाई से पहले करीब 80 हजार क्विंटल प्रमाणित गेहूं बीज की आपूर्ति करता है। इसके साथ ही, अपने बीज उगाने वाले किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के ऊपर लगभग 200 रुपये प्रति क्विंटल का अतिरिक्त प्रोत्साहन (इंसेंटिव) भी देता है। किसानों की प्रमुख सहकारी संस्था ‘कृभको’ के उत्तर प्रदेश राज्य प्रबंधक ऋषिपाल सिंह राठौर ने मंगलवार को लखनऊ में आयोजित एक कार्यशाला में यह जानकारी दी।
फोरम फॉर इंडियन जर्नलिस्ट्स ऑन एजुकेशन, एनवायरनमेंट, हेल्थ एंड एग्रीकल्चर' (फिजीहा) द्वारा 'एलायंस फॉर चेंज, ट्रांसफॉर्मेशन एंड इनोवेशन' (एक्शन) के सहयोग से आयोजित मीडिया कार्यशाला में कृभको उत्तर प्रदेश के राज्य प्रबंधक ऋषिपाल सिंह राठौर ने बताया कि बीज कृभको के गोरखपुर, औराई, शाहजहांपुर और गजरोला स्थित संयंत्रों में तैयार (प्रोसेस) किया जाता है। इसके बाद प्रमाणित और टैग लगे 40 किलोग्राम के बैगों में यह किसानों तक पहुँचता है। यह सहकारी संस्था चना और मसूर के बीजों की भी आपूर्ति करती है।
राठौर ने कहा कि पश्चिम एशिया संकट के कारण वैश्विक बाजारों में बनी अनिश्चितता के बावजूद, भारत सरकार के मजबूत संकल्प के बल पर उत्तर प्रदेश में उर्वरकों (खाद) की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य और सुचारू बनी हुई है। कृभको उत्तर प्रदेश में हर साल 10 से 12 लाख मीट्रिक टन यूरिया और लगभग 3 लाख मीट्रिक टन डीएपी की आपूर्ति करता है। इसके साथ ही एसएसपी, जिंक सल्फेट, सूक्ष्म पोषक तत्व (माइक्रोन्यूट्रीएंट्स), जैविक खाद और जैव उर्वरक (बायो-फर्टिलाइजर) भी उपलब्ध कराए जाते हैं।
कृभको के राज्य प्रबंधक ने कहा, ‘किसानों के साथ हमारा रिश्ता सिर्फ उत्पाद बेचने तक सीमित नहीं है। हमारा उद्देश्य मिट्टी और पानी को सुरक्षित रखते हुए हर किसान को सक्षम, जागरूक, आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाना है, ताकि वे कम लागत में अधिक उत्पादन हासिल कर सकें।’उन्होंने बताया कि कृषि इनपुट राज्य की लगभग 8,000 सहकारी समितियों और 10,000 निजी डीलरों के अलावा, बिना लाभ-बिना हानि (नो-प्रॉफिट, नो-लॉस) के आधार पर संचालित 42 कृभको सेवा केंद्रों के माध्यम से करीब 2.8 करोड़ किसानों तक पहुंचते हैं। इसके अलावा, कृभको मिट्टी जांच, संतुलित उर्वरक उपयोग और जल प्रबंधन पर किसानों और सहकारी समितियों के लिए प्रति वर्ष लगभग 1,500 प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करता है। संस्था ने राज्य में करीब 3,000 किसान समृद्धि केंद्रों को विकसित करने में भी भागीदारी की है।
शाहजहांपुर में हाईटेक आलू प्रसंस्करण इकाई स्थापित करेगा कृभको:उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश में कृभको की शत-प्रतिशत स्वामित्व वाली सहायक कंपनी 'कृभको फर्टिलाइजर्स लिमिटेड' का शाहजहांपुर में संयंत्र है। इस संयंत्र ने वर्ष 2025-26 में अपनी स्थापित क्षमता से अधिक उत्पादन करते हुए 11.02 लाख मीट्रिक टन यूरिया और 6.68 लाख मीट्रिक टन अमोनिया का उत्पादन किया है। कृभको ने इस संयंत्र के पास एक हाई-टेक आलू प्रसंस्करण (पोटैटो प्रोसेसिंग) इकाई स्थापित करने के लिए डच कंपनी 'फार्म फ्राइट्स' के साथ एक संयुक्त उद्यम (जॉइंट वेंचर) भी किया है।
देश में कृभको के तीन जैव-उर्वरक संयंत्रों में से एक इसके वाराणसी संयंत्र में स्थित है, जहाँ राइजोबियम और एज़ोटोबैक्टर सहित विभिन्न प्रकार के बायो-फर्टिलाइजर तैयार किए जाते हैं।फिजीहा के प्रेसिडेंट डॉ. नवनीत आनंद ने कहा, ‘उत्तर प्रदेश हर साल रबी सीजन में देश की खाद्य सुरक्षा का एक बड़ा दायित्व निभाता है। हजारों ग्रामीण सहकारिताओं के माध्यम से कृभको का कार्य यह दर्शाता है कि 'सहकार से समृद्धि' की भारत सरकार की सोच धरातल पर कैसे साकार होती है, जहाँ किसानों की अपनी संस्था के जरिए उन तक बीज, पोषक तत्व और आधुनिक कृषि तकनीक पहुंच रही है।’












