TIL Desk वाशिंगटन :👉दुबई से तेल अवीव जा रहे फ्लाईदुबई (flydubai) के एक विमान में बीच हवा में हुए रोंगटे खड़े कर देने वाले घटनाक्रम ने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस घटना की हैरान कर देने वाली इनसाइड स्टोरी साझा की है। उन्होंने बताया कि कैसे सह-पायलट के जानलेवा हमले के बाद विमान के भारतीय कैप्टन और विमान में सवार एक इजराइली प्लंबर ने मिलकर 174 यात्रियों की जान बचाई।
कॉकपिट में चाकूबाजी और हवा में गोता लगाता विमान
खबरों के मुताबिक, फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 करीब 34,000 फीट की ऊंचाई पर उड़ रही थी, तभी कॉकपिट के अंदर सह-पायलट ने मुख्य पायलट पर चाकू से हमला कर दिया। इस हमले में घायल होने के बावजूद भारतीय मूल के मुख्य पायलट कैप्टन स्मित मछार ने अदम्य साहस का परिचय दिया। डोनाल्ड ट्रंप ने कैप्टन को 'नायक' बताते हुए कहा कि गंभीर रूप से घायल होने के बाद भी पायलट ने किसी तरह कॉकपिट का दरवाजा खोला और मदद के लिए चिल्लाया, जिससे यात्रियों को खतरे का पता चल सका। इस हमले के कारण नियंत्रण खोने से विमान तेजी से नीचे की ओर गिरने लगा था।
'टीवी शो' देखकर विमान संभालने वाला जांबाज प्लंबर
कॉकपिट का दरवाजा खुलते ही विमान में सवार यानिव हायून नाम के एक इजराइली यात्री ने, जो पेशे से एक प्लंबर हैं, तुरंत मोर्चा संभाला। डोनल्ड ट्रंप ने द हिंदू की रिपोर्ट के अनुसार ओवल ऑफिस में पत्रकारों को बताया कि इस यात्री ने पहले कभी विमान नहीं उड़ाया था।
प्लंबर ने तुरंत कॉकपिट में घुसकर हमलावर सह-पायलट को उसकी सीट से खींचकर पीछे फेंक दिया, जिसके बाद बाकी यात्रियों ने उसे दबोच लिया। इसके बाद उस प्लंबर ने विमान के कंट्रोल स्टिक को थामकर नीचे गिरते प्लेन को संभाला और हवा में संतुलित किया। दिलचस्प बात यह है कि ट्रंप के अनुसार, उस यात्री ने बाद में बताया कि उसने विमान उड़ाने के बुनियादी तरीके टीवी प्रोग्राम 'एयर डिजास्टर्स' (Air Disasters) को देख-देखकर सीखे थे।
सऊदी अरब में सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग
इस बेहद तनावपूर्ण स्थिति के बाद विमान के पिछले हिस्से में सफर कर रहे अन्य सुरक्षाकर्मियों और अतिरिक्त पायलटों ने कॉकपिट का नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया। इसके बाद विमान को सफलतापूर्वक सऊदी अरब के तबुक में आपातकालीन स्थितियों में सुरक्षित लैंड कराया गया, जहां सभी 174 यात्री पूरी तरह सुरक्षित रहे। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी इसे सुरक्षा से जुड़ी एक बेहद गंभीर घटना बताया और भारतीय पायलट व इजराइली यात्री की जांबाजी की तारीफ की। फिलहाल इस हमले के पीछे सह-पायलट की वास्तविक मंशा क्या थी, इसकी जांच की जा रही है।














