लखनऊ
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस की पीलीभीत में मतदाता सूची में गड़बड़ी का शिकायतों पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने एक्शन लिया है। उन्होंने मामले का संज्ञान लेकर जिलाधिकारी पीलीभीत को अवगत कराया और डीएम ने दो एसडीएम को हटाकर अब उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
पीलीभीत जिले में मतदाता सूची गड़बड़ी में दो एसडीएम के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की तैयारी है। इनको पद से हटा दिया गया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने कहा कि जहां से भी वोटर लिस्ट में गडबड़ी की शिकायत मिलेगी तो वहां पर जांच कराई जाएगी।
पीलीभीत सदर विधानसभा क्षेत्र की सूची में मतदाताओं के फोटो पहचान पत्र कार्ड नंबर (एपिक आइडी) में गड़बड़ी के आरोप पर अमरिया तहसील में तैनात रहे दो एसडीएम (निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी) को बुधवार को हटा दिया गया है। कांग्रेस व सपा का आरोप है कि एसआइआर की अंतिम सूची प्रकाशन के बाद एसडीएम मयंक गोस्वामी और हेमंत चौधरी ने जुलाई से सितंबर के बीच एपिक आइडी गलत कर दीं, ताकि चिह्नित लोगों को मतदान का मौका न मिले।
इसी प्रकार की शिकायत 15 अक्टूबर को आवास विकास निवासी फैजान व फरहान ने डीएम से की थी। उनकी एपिक आइडी पर गलत नाम दर्ज हुआ था। ऐसी कई शिकायतों के बाद मामला तूल पकड़ता गया, तब बुधवार को आयोग ने कार्रवाई के निर्देश दिए।
मयंक गोस्वामी को पूरनपुर से और हेमंत चौधरी को अमरिया से हटाकर जिला मुख्यालय संबद्ध कर दिया गया है। कंप्यूटर आपरेटर अनिल कुमार की सेवा समाप्त कर दी गई। आज इन तीनों पर प्राथमिकी भी दर्ज कराने की तैयारी है। जिला निर्वाचन अधिकारी, पीलीभीत को जिले के सभी विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची की त्रुटियों की गहन जांच दो दिनों में कराकर रिपोर्ट सौंपने को आयोग ने कहा है। पूरे प्रदेश में मतदाता सूची की जांच होगी।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने मामले का संज्ञान लेकर जिला निर्वाचन अधिकारी को जल्द जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। सपा और कांग्रेस ने गलत नाम दर्ज होने और पात्र मतदाताओं के नाम कटने की शिकायत की थी और इनके आरोप सही पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की जा रही है।
पीलीभीत के वोटर लिस्ट में गड़बड़ी को लेकर चुनाव आयोग ने कार्रवाई की है। सबसे पहले ये मुद्दा अखिलेश यादव ने उठाया था। इस मामले में समाजवादी पार्टी ने 12 अक्टूबर को ही आयोग से शिकायत की थी। इसके बाद में कांग्रेस ने प्रेस कांफ़्रेंस कर इसी मुद्दे को कल उठाया था।
पीलीभीत जिले की सदर विधानसभा सीट 127 की मतदाता सूची में गड़बड़ी करने के मामले में पूरनपुर तहसील के एसडीएम पीसीएस अफसर मयंक गोस्वामी और अमरिया तहसील के उपजिलाधिकारी पीसीएस अफसर हेमंत चौधरी को गंभीर रूप से दोषी पाया गया है।
एसआईआर के दौरान दोनों अफसर निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO) की जिम्मेदारी निभा रहे थे। इसके साथ ही चुनाव आयोग ने इन दोनों अफसरों के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिया है। इन दोनों अफसरों के ERO रहते हुए फाइनल ड्राफ्ट जारी होने के बाद मतदाता सूची में 13150 वोटों की गड़बड़ी मिली। आयोग के निर्देश पर रिपोर्ट दर्ज हो गई है।













