TIL Desk कोलंबो:👉 श्रीलंका की राजनीति से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। देश की पूर्व प्रथम महिला शिरांथी राजपक्षे (Shiranthi Rajapaksa) को वित्तीय धोखाधड़ी, गबन और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों में गिरफ्तार कर लिया गया है. श्रीलंका के रिश्वत और भ्रष्टाचार जांच आयोग (CIABOC) के अधिकारियों ने बुधवार सुबह यह बड़ी कार्रवाई की है. शिरांथी राजपक्षे देश के पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे की पत्नी हैं. उनकी इस गिरफ्तारी से श्रीलंका के सबसे शक्तिशाली राजनीतिक परिवारों में से एक 'राजपक्षे परिवार' की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं.
कोलंबो स्थित आवास से हुई गिरफ्तारी
जांच अधिकारियों की एक विशेष टीम ने कोलंबो के पूर्वी उपनगर पोल्हेंगॉडा (किरुलपोने) स्थित उनके आवास पर दबिश दी. लगभग दो घंटे तक चली लंबी पूछताछ और बयान दर्ज करने के बाद भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने 73 वर्षीय शिरांथी राजपक्षे को अपनी हिरासत में ले लिया. बताया जा रहा है कि वे हाल ही में चिकित्सा उपचार के लिए सिंगापुर गई थीं और सोमवार रात को ही स्वदेश लौटी थीं. गिरफ्तारी की आशंका के चलते उनके वकीलों ने कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका भी दायर की थी, लेकिन राहत मिलने से पहले ही एजेंसी ने उन पर शिकंजा कस दिया.
1 करोड़ रुपये के गबन और NGO फ्रॉड का आरोप
भ्रष्टाचार जांच आयोग के मुताबिक, शिरांथी राजपक्षे के खिलाफ यह कार्रवाई उनके द्वारा संचालित गैर-सरकारी संगठन 'सिरिलिया सविया फाउंडेशन' (Siriliya Saviya Foundation) के खातों से जुड़ी वित्तीय अनियमितताओं को लेकर की गई है. उन पर आरोप है कि उन्होंने महिंदा राजपक्षे के राष्ट्रपति कार्यकाल (2005-2015) के दौरान एक सरकारी बैंक से कथित तौर पर 10 मिलियन (1 करोड़) श्रीलंकाई रुपये प्राप्त किए और सार्वजनिक संपत्ति अधिनियम व भ्रष्टाचार विरोधी प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए इस फंड का दुरुपयोग किया. इस मामले की जांच काफी समय से चल रही थी.
पहले बेटा और अब मां जेल की सलाखों के पीछे
राजपक्षे परिवार के लिए यह दोहरा झटका है। शिरांथी राजपक्षे की गिरफ्तारी से ठीक एक महीने पहले, 4 सितंबर को उनके बड़े बेटे और सांसद नमाल राजपक्षे को भी दो अलग-अलग रिश्वत मामलों में गिरफ्तार किया गया था, जो फिलहाल कोलंबो की रिमांड जेल में बंद हैं. श्रीलंका में दोबारा शुरू हुई भ्रष्टाचार विरोधी जांच के तहत पूर्व शासक परिवार के कई करीबी और सदस्य अब जांच एजेंसियों के रडार पर हैं. शिरांथी राजपक्षे की गिरफ्तारी के बाद कोलंबो में राजनीतिक हलचल बेहद तेज हो गई है।













