भोपाल

फर्जी आईएएस बनकर लोगों से ठगी करने वाली तृप्ति सिंह के मामले में अब एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। उसके साथ वायरल वीडियो में खुद को आइएएस बताने वाली दोनों युवतियां भी उसकी पीड़िता निकली हैं।

बैतूल निवासी ख्याति और विशाखा ने पुलिस को शिकायत देकर बताया है कि तृप्ति ने उन्हें आईएएस बनाने और नौकरी दिलाने का झांसा देकर करीब तीन-तीन लाख रुपये लिए थे। दरअसल, कुछ दिन पहले एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें तृप्ति के साथ तीन युवतियां खुद को आईएएस बताती नजर आ रही थीं।

दावा किया गया था कि वीडियो विधानसभा के भीतर का है और युवतियां वहां की कार्यवाही अटेंड करने पहुंची थीं। अब पुलिस जांच में सामने आया है कि वीडियो विधानसभा का नहीं, बल्कि मानव संग्रहालय की संकुल वीथी का है।
पहले दी स्क्रिप्ट, फिर अफसर बनने का दिखाया सपना

ख्याति और विशाखा ने पुलिस को बताया कि तृप्ति ने उन्हें पहले से एक स्क्रिप्ट दी थी। उसने कहा था कि आईएएस बनने से पहले ही अफसर जैसा एटीट्यूड बनाकर रखो। इसी तैयारी के नाम पर उन्हें अपने साथ कार्यक्रमों और अलग-अलग जगहों पर ले जाया गया।

वीडियो में दोनों युवतियों ने तृप्ति के बताए अनुसार खुद को आईएएस बताया। बाद में उन्हें नौकरी और अफसर बनाने का झांसा देकर रकम ली गई। जब न नौकरी मिली और न तृप्ति के दावे पूरे हुए तो दोनों को उसके फर्जीवाड़े का अहसास हुआ।
चार दिन की रिमांड पर तृप्ति और सुधांशु

बागसेवनिया पुलिस बुधवार को अशोकनगर से तृप्ति सिंह और उसके भाई सुधांशु सिंह को भोपाल लाई थी। दोनों को कोर्ट में पेश कर पुलिस ने चार दिन की रिमांड ली है।

पूछताछ में पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि तृप्ति ने फर्जी आईएएस की पहचान बनाने के लिए कितने लोगों और युवतियों का इस्तेमाल किया और इस पूरे नेटवर्क में कौन-कौन शामिल है। पुलिस उसके मोबाइल, दस्तावेज और लेनदेन की भी जांच कर रही है।
पति की शिकायत में अचल गवाह बनेगा

तृप्ति के पति अचल सिंह ने भी पत्नी पर फर्जी आईएएस बनकर उससे शादी करने का आरोप लगाते हुए शिकायत की थी। हालांकि पुलिस इस शिकायत पर अलग से केस दर्ज करने के बजाय मौजूदा प्रकरणों की जांच में अचल को गवाह बनाएगी।

पुलिस का कहना है कि तृप्ति के फर्जी आईएएस बनने से जुड़े तथ्य पहले से दर्ज मामलों की विवेचना में ही सामने आ रहे हैं।

तृप्ति के खिलाफ अशोकनगर के चंदेरी में नौकरी लगवाने के नाम पर करीब 10 लाख रुपये की ठगी का केस दर्ज है। चंदेरी पुलिस ने उसे और उसके भाई सुधांशु को गिरफ्तार किया था।

भोपाल में भी एमपीटी के होटल-रिसार्ट की लीज दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी के मामले सामने आ चुके हैं।

अब नौकरी के नाम पर ठगी की शिकार युवतियों की शिकायत से यह साफ हो रहा है कि तृप्ति ने फर्जी आईएएस की पहचान सिर्फ लोगों को प्रभावित करने के लिए नहीं, बल्कि एक सुनियोजित नेटवर्क के तौर पर इस्तेमाल की।

    वायरल वीडियो में खुद को आईएएस बताने वालीं ख्याति और विशाखा नामक युवतियों ने नौकरी के नाम पर ठगी की शिकायत की है। पुलिस उनके बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी। फिलहाल रिमांड पर लेकर 39 और 49 लाख रुपये की ठगी के संबंध में पूछताछ की जा रही है।- रजनीश कश्यप, एसीपी मिसरोद