* डॉक्टर के वीडियो, ‘पिंक रूम’ और फैबकॉइन्स के जरिए महिलाओं को शुरुआती जांच की दिशा में पहला कदम उठाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा 

TIL Desk लखनऊ:👉ब्रैस्ट कैंसर महिलाओं में होने वाले सबसे आम कैंसरों में से एक है। दुनियाभर में महिलाओं में होने वाले कैंसर के कुल मामलों में हर 4 में से 1 मामला ब्रैस्ट कैंसर का होता है। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) अक्टूबर महीने को ब्रैस्ट कैंसर जागरूकता माह के रूप में मनाता है, ताकि इस बीमारी के बारे में जागरूकता बढ़ाई जा सके और इससे निपटने के लिए जरूरी कदम उठाने की अपील की जा सके। इसी को ध्यान में रखते हुए, मेदांता लखनऊ और फैबइंडिया ने इस महीने एक साथ मिलकर महिलाओं को अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने, बीमारी का शुरुआती चरण में पता लगाने के महत्व को समझने और समय पर डॉक्टर से सलाह लेने के लिए प्रोत्साहित करने की पहल शुरू की है।

मेदांता लखनऊ में एंडोक्राइन और ब्रेस्ट सर्जरी के डायरेक्टर, डॉ. अमित अग्रवाल ने कहा, “ब्रैस्ट के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता महिलाओं को उनमें होने वाले बदलावों को पहचानने और समय पर डॉक्टर से सलाह लेने में अहम भूमिका निभाती है। महिलाओं को ब्रैस्टमें होने वाले असामान्य बदलावों, जैसे नई गांठ बनना, त्वचा में गड्ढा पड़ना, निप्पल में बदलाव या असामान्य डिस्चार्ज के प्रति सतर्क रहना चाहिए। ऐसा कोई भी बदलाव नजर आने पर डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। हालांकि, स्वयं  ब्रैस्ट की जांच करना ब्रैस्ट कैंसर की सुझाई गई स्क्रीनिंग या डॉक्टर द्वारा की जाने वाली जांच का विकल्प नहीं है, लेकिन अपने शरीर के प्रति जागरूकता और उम्र व जोखिम के अनुसार उचित स्क्रीनिंग से संभावित खतरे के शुरुआती संकेतों को समय पर पहचानने और सही समय पर चिकित्सा सहायता लेने में मदद मिल सकती है।” 

इस साझेदारी के तहत, फैबइंडिया के हजरतगंज स्टोर में आने वाले ग्राहकों को एक जागरूकता कार्ड दिया जाएगा। इस कार्ड पर एक QR कोड होगा, जिसे स्कैन करने पर ब्रैस्ट कैंसर के बारे में डॉक्टर द्वारा जानकारी देने वाला वीडियो देखा जा सकेगा। इस वीडियो में बीमारी का जल्द पता लगाने और समय पर इलाज कराने के महत्व के बारे में बताया जाएगा। इसका उद्देश्य जानकारी की कमी को दूर करना और महिलाओं की सेहत से जुड़े मुद्दों पर बेहतर समझ के साथ बातचीत को बढ़ावा देना है। 

दिल्ली-NCR और पटना में पहले चलाए गए अभियानों के बाद, अब यह अभियान लखनऊ में फैबइंडिया के चुनिंदा स्टोरों में शुरू किया जाएगा। इस अभियान की खास बातों में से एक पिंक रूम होगा — जो एक खास तरीके से तैयार की गई स्वास्थ्य जागरूकता से जुड़ी जगह होगी, जहां ब्रैस्ट कैंसर के बारे में आसान भाषा में संदेश दिए जाएंगे। इसका उद्देश्य महिलाओं को रोजमर्रा के कामों के दौरान भी अपनी सेहत के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रोत्साहित करना है। स्टोर पर आने वाली महिलाओं को 30 बिंदियों का एक सेट भी दिया जाएगा। इसमें 29 लाल बिंदियां और 1 गुलाबी बिंदी होगी। यह उन्हें हर महीने एक दिन ब्रैस्ट की स्वयं जांच करने और उनमे होने वाले किसी भी असामान्य बदलाव के प्रति जागरूक रहने की याद दिलाएगी।

मेदांता और फैबइंडिया ने फैबकॉइन्स लॉयल्टी प्रोग्राम की भी घोषणा की है, जो ग्राहकों को मिलने वाले रिवॉर्ड्स को बीमारी से बचाव के लिए की जाने वाली स्वास्थ्य जांच से जोड़ता है। इस प्रोग्राम के तहत, ग्राहक फैबइंडिया से खरीदारी करने पर फैबकॉइन्स अर्जित करेंगे और फैबकॉइन्स का इस्तेमाल मेदांता लखनऊ में हेल्थ चेक-अप कराने के लिए कर सकेंगे। इस पहल का उद्देश्य ग्राहकों को अपने लॉयल्टी प्रोग्राम के लाभों का उपयोग अपने स्वास्थ्य और सेहत का ध्यान रखने के लिए प्रोत्साहित करना है।

इस सहयोग के बारे में बात करते हुए, फैबइंडिया के अधिकारियों ने कहा, “फैबइंडिया में हमारा मानना है कि जिन समुदायों के लिए हम काम करते हैं, उनकी सेहत और खुशहाली हमारे लिए बेहद अहम है। मेदांता के साथ इस सहयोग के जरिए हम महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़ी चर्चाओं को अपने ग्राहकों, हस्तशिल्प कारीगरों और कर्मचारियों के और करीब ला रहे हैं। यह पहल महिलाओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति अधिक सक्रिय रहने के लिए प्रोत्साहित करेगी। साथ ही, यह साझेदारी भविष्य में अन्य प्रकार के कैंसर और निवारक स्वास्थ्य देखभाल के बारे में जागरूकता बढ़ाने के नए अवसर भी पैदा करेगी।” 

लोगों और समुदायों से गहराई से जुड़ने वाले ब्रांड के रूप में, मेदांता और फैबइंडिया महिलाओं के स्वास्थ्य और खुशहाली पर सार्थक प्रभाव डालने के अवसर और अपनी जिम्मेदारी को समझते हैं। मेदांता की स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी विशेषज्ञता और देशभर की महिलाओं के साथ फैबइंडिया के गहरे जुड़ाव को एक साथ लाकर, इस साझेदारी का उद्देश्य ब्रैस्ट कैंसर के प्रति जागरूकता को अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों तक सीमित न रखते हुए, इसे रोजमर्रा की बातचीत और अनुभवों का हिस्सा बनाना है। इस पहल के जरिए, दोनों संस्थान महिलाओं में जागरूकता बढ़ाने, उन्हें अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने के लिए सशक्त बनाने और बीमारी का शुरुआती चरण में पता लगाने व समय पर चिकित्सा सहायता लेने के महत्व पर खुलकर बातचीत करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहते हैं। 

महिलाओं से अपने स्वास्थ्य को रोजमर्रा की बातचीत का हिस्सा बनाने की अपील करते हुए, मेदांता लखनऊ में एंडोक्राइन और ब्रेस्ट सर्जरी की एसोसिएट डायरेक्टर, डॉ. रोमा प्रधान ने कहा, “ब्रैस्ट कैंसर का शुरुआती चरण में पता चलने पर इसका अधिक प्रभावी ढंग से इलाज किया जा सकता है। महिलाओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहना चाहिए और उनमें होने वाले किसी भी बदलाव या असामान्य लक्षण पर ध्यान देना चाहिए। रोजमर्रा के माहौल में ही महिलाओं को स्वास्थ्य से जुड़ी विश्वसनीय जानकारी उपलब्ध कराने के अवसर पैदा करने से उन्हें बिना देरी किए डॉक्टर से सलाह लेने के लिए प्रोत्साहित किया जा सकता है।”