TIL Desk वेलिंगटन:👉 आगामी महत्वपूर्ण टेस्ट श्रृंखलाओं और आईसीसी स्पर्धाओं से पहले भारतीय क्रिकेट टीम प्रबंधन ने अपने प्रमुख तेज गेंदबाजों को चोटों से बचाने और उनकी धार बरकरार रखने के लिए एक ठोस रणनीति तैयार कर ली है। भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल ने स्पष्ट किया है कि टीम इंडिया के पास तेज गेंदबाजों के कार्यभार प्रबंधन (Workload Management) के लिए एक अचूक और बेहद व्यवस्थित योजना तैयार है। इस रणनीति के तहत आगामी एकदिवसीय (ODI) मैचों का उपयोग मुख्य रूप से टेस्ट क्रिकेट के लिए गेंदबाजों की फिटनेस और लय को धीरे-धीरे बढ़ाने के लिए किया जाएगा।

मोर्कल ने टीम की रणनीति का खुलासा करते हुए कहा कि कार्यभार प्रबंधन का मतलब सिर्फ सीनियर गेंदबाजों को आराम देना नहीं है, बल्कि उन्हें खेल के सबसे लंबे प्रारूप (Test Cricket) के लिए पूरी तरह से तैयार रखना है। उन्होंने बताया कि आगामी 50 ओवरों के मैचों के दौरान गेंदबाजों को रोटेट किया जाएगा। इससे गेंदबाजों को मैच अभ्यास भी मिलेगा और वे बिना किसी अत्यधिक थकान या मांसपेशियों के खिंचाव के जोखिम के अपना वर्कलोड धीरे-धीरे बढ़ा सकेंगे। कोच ने कहा, "हमारे पास इस समय हर छोटी-बड़ी चीज के लिए एक स्पष्ट योजना है। हालांकि, क्रिकेट में हमेशा सब कुछ योजना के मुताबिक नहीं होता, लेकिन हम हर परिस्थिति के लिए बैकअप विकल्पों के साथ पूरी तरह तैयार हैं।"

इस रणनीति का सबसे अहम हिस्सा भारत के मुख्य तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की फिटनेस को सुरक्षित रखना है। मोर्कल ने भरोसा दिलाया कि रोटेशन पॉलिसी के तहत यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि बुमराह और अन्य मुख्य तेज गेंदबाज पहले टेस्ट मैच और आगामी 50 ओवरों के मुकाबलों के लिए मानसिक व शारीरिक रूप से शत-प्रतिशत तैयार रहें। टीम प्रबंधन इस बात को लेकर बेहद सतर्क है कि लगातार मुकाबले खेलने की वजह से मुख्य गेंदबाजों पर अतिरिक्त दबाव न पड़े, विशेषकर तब जब टीम को विदेशी पिचों पर पांच मैचों की लंबी टेस्ट सीरीज खेलनी हो।

क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि दक्षिण अफ्रीका के पूर्व दिग्गज तेज गेंदबाज मोर्कल का अपना अनुभव भारतीय गेंदबाजों के लिए वरदान साबित हो रहा है। वह जानते हैं कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार रफ्तार बनाए रखने के लिए शरीर को कितना आराम और कितनी ट्रेनिंग की जरूरत होती है। भारत के पास वर्तमान में मोहम्मद सिराज, आकाश दीप और कई अन्य युवा गेंदबाजों का एक मजबूत पूल है, जिससे रोटेशन नीति को लागू करना काफी आसान हो जाएगा। इस अचूक योजना से भारतीय टीम अपनी बेंच स्ट्रेंथ को आजमाने के साथ-साथ अपने स्ट्राइक बॉलर्स को भी हमेशा तरोताजा रख पाएगी।