TIL Desk  मुंबई :👉बॉलीवुड के मशहूर और दिग्गज अभिनेता विश्वनाथ गजानन पाटेकर (नाना पाटेकर) का 75 वर्ष की आयु में गोवा में निधन हो गया। इस दुखद खबर के बाद अब उनके निधन के मामले में एक नया कानूनी मोड़ सामने आया है। गोवा की पणजी पुलिस ने इस संबंध में 'अप्राकृतिक मौत' (Unnatural Death) का मामला दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू कर दी है।

क्यों दर्ज हुआ 'अननेचुरल डेथ' का मामला?

पुलिस रिकॉर्ड और अस्पताल प्रशासन के अनुसार, गुरुवार को नाना पाटेकर को डोना पाउला स्थित उनके आवास 'ओशन पार्क' से बाम्बोलिम के मनिपाल अस्पताल लाया गया था। अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि जब उन्हें कैजुअल्टी वार्ड में लाया गया, तब तक उनकी मृत्यु हो चुकी थी। कानूनी और मेडिकल नियमों (मेडिको-लीगल केस) के मुताबिक, यदि किसी व्यक्ति को अस्पताल में मृत अवस्था (ब्रॉट डेड) में लाया जाता है, तो स्थानीय पुलिस को सूचित करना अनिवार्य होता है।

इसी प्रक्रिया के तहत गोवा पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 194 के अंतर्गत अकस्मात और अप्राकृतिक मौत का केस दर्ज किया है। इस पूरे मामले की कमान पुलिस सब-इंस्पेक्टर नितिन नाइक को सौंपी गई है, जो मौत की वास्तविक वजहों और परिस्थितियों का पता लगा रहे हैं।

प्राथमिक कारण कार्डियक अरेस्ट, जांच जारी

मनिपाल अस्पताल के ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. शेखर सालकर ने बताया कि शुरुआती जांच में मौत का कारण कार्डियक अरेस्ट (दिल का दौरा) प्रतीत हो रहा है। अभिनेता पहले से ही दिल की बीमारी से पीड़ित थे और उनकी दवाएं चल रही थीं। डॉक्टरों ने करीब 45 मिनट तक सीपीआर देकर उन्हें पुनर्जीवित करने की कोशिश की, लेकिन वे सफल नहीं हो सके। मौत के सटीक कारणों की पुष्टि के लिए शव का पोस्टमॉर्टम भी कराया गया है।

बेटे मल्हार पाटेकर और परिवार का बयान होगा दर्ज

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे इस मामले में अस्पताल के अधिकारियों के साथ-साथ नाना पाटेकर के परिवार के सदस्यों के बयान भी दर्ज करेंगे। वहीं, पुणे के डोंजे गांव स्थित फार्महाउस पर राजकीय सम्मान और 3-गन सैल्यूट के साथ दिवंगत अभिनेता का अंतिम संस्कार कर दिया गया है।

देर रात अंतिम संस्कार किए जाने पर उनके बेटे मल्हार पाटेकर ने बताया कि चूंकि निधन गोवा में हुआ था, इसलिए पार्थिव शरीर को पुणे के गांव तक लाने में काफी समय लग गया। मल्हार ने यह भी स्पष्ट किया कि नाना साहब का शुरू किया गया सामाजिक काम और 'नाम फाउंडेशन' का विजन भविष्य में भी लगातार जारी रहेगा।