TIL Desk नई दिल्ली::👉आज पूरे देश में राष्ट्रीय पुलिस स्मृति दिवस (National Police Commemoration Day) बेहद भावुक और गौरवपूर्ण माहौल में मनाया जा रहा है। इस ऐतिहासिक और गरिमामय अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की आंतरिक सुरक्षा, संप्रभुता और नागरिकों की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर पुलिसकर्मियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है।
चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में सेवा सर्वोपरि: प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर देश के जांबाज पुलिस बलों के प्रति अपनी गहरी कृतज्ञता व्यक्त की। उन्होंने लिखा, "पुलिस स्मृति दिवस हमारे पुलिस कर्मियों के प्रति गहरा आभार व्यक्त करने का अवसर है, जो अत्यंत कठिन परिस्थितियों में भी पूरी निष्ठा के साथ अपनी सेवाएं देते हैं। कानून-व्यवस्था बनाए रखने से लेकर अपराधों से लड़ने, आपातकालीन स्थितियों में मदद करने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तक, उनका योगदान अमूल्य है।"
शहीदों की वीरता को याद करते हुए पीएम मोदी ने आगे कहा, "हम उन बहादुर पुलिस कर्मियों को सादर श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं, जिन्होंने कर्तव्य निभाते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। उनका साहस, अटूट समर्पण और सर्वोच्च बलिदान हमारे देश की स्मृतियों में सदैव अंकित रहेगा।"
हॉट स्प्रिंग्स की शौर्य गाथा और अमित शाह की परेड
यह विशेष दिन हर साल 21 अक्टूबर को उन 10 केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के जवानों की याद में मनाया जाता है, जो 1959 में लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स क्षेत्र में चीनी सैनिकों के एक औचक हमले का सामना करते हुए देश की रक्षा में शहीद हो गए थे। इस वर्ष भी नई दिल्ली के चाणक्यपुरी स्थित राष्ट्रीय पुलिस स्मारक (NPM) में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मुख्य आतिथ्य में राष्ट्रीय स्तर की परेड का आयोजन किया गया। शाह ने वहां देश के अमर बलिदानियों को पुष्पचक्र अर्पित कर नमन किया। इस दौरान युवाओं को संदेश देने के लिए 'नशे के खिलाफ जंग' थीम पर एक विशेष मोटरसाइकिल रैली को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
देशभर में शहीदों को नमन
प्रधानमंत्री के साथ-साथ लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित देश के तमाम बड़े नेताओं ने देश की सुरक्षा में तैनात 36,000 से अधिक शहीद पुलिसकर्मियों के बलिदान को याद किया। आज के दिन देश के कोने-कोने में पुलिस मुख्यालयों पर शोक परेड, रोल कॉल और सामाजिक कल्याण के कार्यक्रमों के जरिए इन अमर प्रहरियों को याद किया जा रहा है। संपूर्ण राष्ट्र आज इन जांबाज हीरोज और उनके परिवारों के प्रति नतमस्तक है।













