TIL Desk लखनऊ:👉 डॉक्टर्स एसोसिएशन ऑफ क्लासिकल होम्योपैथी (DACH) ने जीनोम के सहयोग से होटल वैभव इन, लखनऊ में क्लासिकल होम्योपैथी पर एकदिवसीय ज्ञानवर्धक सत्र आयोजित किया। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि डॉ किरण दास, सीएमएस, लखनऊ मंडल ने दीप प्रज्वलित कर किया।

इस सत्र में होम्योपैथी चिकित्सकों, विद्यार्थियों और विषय में रुचि रखने वाले लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम में शास्त्रीय होम्योपैथी के सिद्धांतों और वर्तमान संदर्भ में इसकी प्रासंगिकता पर सार्थक विचार-विमर्श हुआ। सत्र में दो प्रमुख विषयों—“ट्यूबरकुलिनम एवं ट्यूबरकुलर डायथेसिस” तथा “होम्योपैथी के पीछे का विज्ञान: एपिजेनेटिक्स”—पर प्रस्तुतियां दी गईं।

कार्यक्रम के वक्ता डॉ नितिन के. मौर्य और डॉ स्वतंत्र पी. गंगवार रहे। उन्होंने होम्योपैथिक दर्शन, दीर्घकालिक रोगों के पैटर्न तथा होम्योपैथी और एपिजेनेटिक विज्ञान के संभावित संबंध जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की।

सुबह 10 बजे से शाम 4:30 बजे तक चले इस कार्यक्रम में विभिन्न संस्थानों से चिकित्सकों और विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। संवादात्मक अकादमिक माहौल में प्रतिभागियों को वक्ताओं से प्रश्न पूछने और क्लासिकल होम्योपैथी के सिद्धांतों को अधिक गहराई से समझने का अवसर मिला।

आयोजकों द्वारा प्रतिभागियों के लिए अल्पाहार और दोपहर के भोजन की भी व्यवस्था की गई थी।

सत्र का समापन क्लासिकल होम्योपैथी के क्षेत्र में निरंतर अकादमिक संवाद, शोध और ज्ञान-साझाकरण को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल देते हुए हुआ।