Janmashtami 2026:👉जन्माष्टमी के मौके पर अगर आप भगवान श्रीकृष्ण की नगरी द्वारका जाने का प्लान बना रहे हैं, तो यह यात्रा आपके लिए आध्यात्मिक होने के साथ-साथ बेहद यादगार भी हो सकती है। गुजरात के द्वारका में जन्माष्टमी के दौरान मंदिरों को विशेष रूप से सजाया जाता है और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। ऐसे में अगर आपके पास तीन दिन का समय है, तो थोड़ी प्लानिंग के साथ आप द्वारका के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों को आसानी से घूम सकते हैं।

  • पहला दिन: द्वारकाधीश मंदिर से शुरुआत

यात्रा के पहले दिन सबसे पहले भगवान द्वारकाधीश के दर्शन करें। जन्माष्टमी के दौरान मंदिर में विशेष पूजा, भजन और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन होता है। हालांकि इस दौरान भीड़ काफी ज्यादा रहती है, इसलिए दर्शन और प्रवेश से जुड़े नियमों की जानकारी पहले ही ले लें।

दर्शन के बाद आप गोमती घाट जा सकते हैं। यहां कुछ समय बिताने के बाद द्वारका बीच का रुख किया जा सकता है। शाम के समय समुद्र किनारे का नजारा बेहद खूबसूरत लगता है। इसके बाद सुदामा सेतु घूम सकते हैं, जहां से गोमती नदी और आसपास के क्षेत्र का शानदार दृश्य दिखाई देता है।

  • दूसरा दिन: बेट द्वारका और नागेश्वर ज्योतिर्लिंग

दूसरे दिन की शुरुआत नागेश्वर ज्योतिर्लिंग से करें। यह भगवान शिव के प्रमुख ज्योतिर्लिंगों में शामिल है और द्वारका आने वाले श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है। इसके बाद ओखा क्षेत्र की तरफ जाकर बेट द्वारका पहुंच सकते हैं।

बेट द्वारका को भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ा महत्वपूर्ण स्थान माना जाता है। यहां मंदिर के दर्शन करने के साथ आसपास के समुद्री क्षेत्र का आनंद भी लिया जा सकता है। वापसी के दौरान रुक्मिणी देवी मंदिर जाना न भूलें। शाम को वापस द्वारका पहुंचकर स्थानीय बाजार में खरीदारी कर सकते हैं।

  • तीसरा दिन: शिवराजपुर बीच और आसपास की जगहें

तीसरे दिन आप धार्मिक स्थलों के साथ थोड़ा आराम और मनोरंजन भी कर सकते हैं। इसके लिए शिवराजपुर बीच अच्छा विकल्प है। यहां समुद्र का शांत वातावरण और खूबसूरत नजारे आपको यात्रा की थकान से राहत देंगे। हालांकि समुद्र में उतरने या वाटर एक्टिविटी करने से पहले स्थानीय सुरक्षा निर्देशों का पालन जरूर करें।

इसके बाद आप द्वारका के आसपास के छोटे बाजारों में घूम सकते हैं और भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ी मूर्तियां, पूजा सामग्री और स्थानीय हस्तशिल्प खरीद सकते हैं।

  • यात्रा का बजट और जरूरी बातें

तीन दिन की द्वारका यात्रा का खर्च आपके शहर से आने-जाने, होटल और यात्रा के साधन पर निर्भर करेगा। बजट यात्रा के लिए पहले से ट्रेन और होटल बुक करना बेहतर रहेगा। जन्माष्टमी के दौरान भीड़ सामान्य दिनों की तुलना में काफी अधिक हो सकती है, इसलिए होटल और यात्रा की बुकिंग जितनी जल्दी हो सके कर लें।

अगर आप परिवार के साथ जा रहे हैं, तो मंदिरों के दर्शन के समय बुजुर्गों और बच्चों की सुविधा का ध्यान रखें। साथ ही पहचान पत्र, जरूरी दवाएं, पानी और मौसम के अनुसार कपड़े साथ रखें।

कुल मिलाकर, जन्माष्टमी पर द्वारका का तीन दिन का यह ट्रैवल प्लान आपको भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन के साथ गुजरात की आध्यात्मिक और प्राकृतिक खूबसूरती देखने का मौका देगा। थोड़ी सी तैयारी के साथ यह यात्रा आपकी सबसे यादगार धार्मिक यात्राओं में शामिल हो सकती है।