अमृतसर
पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले बाबा बकाला में आज होने वाले रखड़ पुन्या का राजनीतिक मंच इस बार खासा अहम हो गया है। इस बारा रखड़ पुन्या मेले में पहली बार पांच दल अलग-अलग राजनीतिक और पंथक मंचों से ताकत दिखाने की तैयारी है।
भाजपा का पहली बार स्वतंत्र मंच
रखड़ पुन्या पर भाजपा पहली बार बाबा बकाला साहिब में स्वतंत्र राजनीतिक कॉन्फ्रेंस करने जा रही है। पार्टी के पंजाब प्रधान के अलावा हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी पहुंचेंगे। इसे पंजाब में संगठनात्मक विस्तार और राजनीतिक आधार मजबूत करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। भाजपा इस मंच से 2027 के चुनाव की तैयारियों का संदेश देने के साथ किसानों, कानून-व्यवस्था, नशे, विकास और अन्य जनमुद्दों पर अपना रुख सामने रख सकती है। बड़ी संख्या में नेताओं और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी से पार्टी शक्ति प्रदर्शन भी करेगी।
आप का रईया में राज्यस्तरीय समागम
आम आदमी पार्टी की ओर से दाना मंडी रईया में राज्यस्तरीय समागम आयोजित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत मान इसमें शामिल होंगे। सरकार की ओर से अपने कार्यकाल के विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रमुखता से जनता के सामने रखा जाएगा। चुनाव से पहले यह मंच सरकार के कामकाज का रिपोर्ट कार्ड पेश करने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कांग्रेस के लिए एकजुटता दिखाने का मौका
कांग्रेस के भीतर पिछले समय से सामने आ रही खींचतान के बीच रखड़ पुन्या पार्टी के लिए एकजुटता का संदेश देने का बड़ा अवसर होगा। यदि प्रमुख नेता एक मंच पर एकजुट नजर आते हैं तो इससे कार्यकर्ताओं और आम लोगों के बीच सकारात्मक संदेश जाने की उम्मीद है। पार्टी के लिए 2027 से पहले अपने राजनीतिक आधार और विश्वास को मजबूत करना चुनौती है।
अकाली दल के सामने साख बचाने की चुनौती
रखड़ पुन्या का मंच शिरोमणि अकाली दल के लिए हमेशा महत्वपूर्ण रहा है। पार्टी प्रधान सुखबीर सिंह बादल सहित वरिष्ठ नेता कॉन्फ्रेंस में शामिल होंगे। पिछले समय में कमजोर हुए अकाली दल के सामने अपनी टकसाली वोट को बनाए रखने और दूर हुए मतदाताओं को फिर साथ जोड़ने की चुनौती है। ऐसे में इस बार की कॉन्फ्रेंस पार्टी के लिए अपनी साख और राजनीतिक जमीन मजबूत करने का अहम मौका होगी।
पंथक मंचों पर भी नजर
राजनीतिक दलों के अलावा पंथक संगठनों की गतिविधियां भी महत्वपूर्ण रहेंगी। शिरोमणि अकाली दल अमृतसर और वारिस पंजाब दे से जुड़े समूह अपने मंचों से पंथिक और सामाजिक मुद्दे उठाएंगे। वारिस पंजाब दे मौजूदा समय में बंदी सिंहों, धार्मिक मामलों और पंजाब के सामाजिक-राजनीतिक मुद्दों को लेकर लगातार सक्रिय है। ऐसे में रखड़ पुन्या पर इन संगठनों के रुख और भीड़ पर भी राजनीतिक पर्यवेक्षकों की नजर रहेगी।
इसलिए खास है रखड़ पुन्या का मेला
बाबा बकाला साहिब का रखड़ पुन्या मेला धार्मिक आस्था के साथ पंजाब की राजनीति में भी खास महत्व रखता है। यहां हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इसी मौके पर विभिन्न राजनीतिक दल अपनी कॉन्फ्रेंस कर कार्यकर्ताओं और समर्थकों की ताकत दिखाते हैं। मंच से नेता अपने राजनीतिक और पंथिक मुद्दे जनता के सामने रखते हैं। विधानसभा चुनाव से पहले यह आयोजन दलों के लिए जनसमर्थन परखने और राजनीतिक संदेश देने का महत्वपूर्ण अवसर बन जाता है।










