TIL Desk नई दिल्ली:👉 प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सरकार के प्रमुख (मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में) अपने सार्वजनिक जीवन और सेवा भाव के 25 साल पूरे होने के ऐतिहासिक अवसर पर देशवासियों के प्रति आभार जताया है। इस गौरवमयी पड़ाव पर आयोजित 'विकसित भारत संकल्प सभा' में बोलते हुए पीएम मोदी ने आजादी के 100वें वर्ष यानी साल 2047 तक भारत को एक पूर्ण विकसित राष्ट्र बनाने का नया रोडमैप देश के सामने रखा। इस बड़े सपने को साकार करने के लिए उन्होंने देश को "हम करके रहेंगे... We Will Do It" का एक नया और ऊर्जावान नारा दिया।

140 करोड़ भारतीयों के संकल्प से हासिल होगा मुकाम
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि यह लक्ष्य केवल सरकार का नहीं, बल्कि देश के 140 करोड़ नागरिकों का सामूहिक संकल्प है। उन्होंने दृढ़ विश्वास जताते हुए कहा, "ये 140 करोड़ नागरिक मिलकर 2047 तक विकसित भारत बनाएंगे और हम निश्चित रूप से ऐसा करके रहेंगे। 'हम करके रहेंगे'।" पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि भारत को दुनिया की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल करना, देश को पूरी तरह आत्मनिर्भर बनाना और एक वैश्विक विनिर्माण केंद्र (ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब) के रूप में स्थापित करना ऐसा संकल्प है जिसे देश कड़ी मेहनत और दूरदर्शी नीतियों से हर हाल में हासिल करेगा।

आलोचकों से सीखा, स्वयं को माना हमेशा एक 'विद्यार्थी'
अपने राजनीतिक और प्रशासनिक सफर को याद करते हुए प्रधानमंत्री थोड़े भावुक भी नजर आए। उन्होंने कहा कि उनके सार्वजनिक जीवन में जिन लोगों ने उनका विरोध या आलोचना की, उनसे भी उन्हें बहुत कुछ सीखने को मिला है। आलोचकों ने उन्हें लोकतंत्र की असली ताकत को समझने और अपने फैसलों पर दोबारा विचार करने में मदद की है। खुद को आज भी एक साधारण 'विद्यार्थी' बताते हुए पीएम मोदी ने कहा कि वे हर दिन देशहित में कुछ नया सीखने और निरंतर देश की प्रगति के लिए दिन-रात काम करने का प्रयास करते हैं।

अंतरिक्ष से लेकर ओलंपिक तक फहराएगा भारत का परचम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केवल आर्थिक समृद्धि की बात नहीं की, बल्कि खेल और विज्ञान के क्षेत्र में भी देश की मजबूत वैश्विक उपस्थिति का खाका खींचा। उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष में मजबूती से कदम बढ़ाना और भारत में ओलंपिक खेलों की मेजबानी करना भी हमारे प्रमुख लक्ष्यों में शामिल है, जिसे 'हम करके दिखाएंगे'। यह नया नारा देश के युवाओं, महिलाओं, गरीबों और किसानों के सशक्तिकरण को नई दिशा देने वाला साबित होगा।